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डिंडौरी में जंगली हाथी की दस्तक! अमरपुर-मेहंदवानी में अलर्ट, ग्रामीणों के जंगल जाने पर रोक

एडीटर: Chetram Rajpoot November 1, 2026

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– मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका पर वन विभाग सतर्क, जनपद CEO को पत्र लिखकर गांव-गांव मुनादी और जागरूकता अभियान चलाने मांगा सहयोग

डिंडौरी न्यूज।जिले के अमरपुर एवं मेहंदवानी वन परिक्षेत्र की सीमा से लगे जंगलों में जंगली हाथी के विचरण की सूचना के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है। हाथी की गतिविधियों को देखते हुए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। संभावित खतरे को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और स्थिति सामान्य होने तक जंगल में प्रवेश नहीं करने की हिदायत दी है।

इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी अमरपुर सामान्य द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को जनपद पंचायत अमरपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र जारी कर जन-जागरूकता अभियान में सहयोग मांगा गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि हाथी के विचरण के कारण जनहानि, लोगों के घायल होने, पशुहानि अथवा मवेशियों के घायल होने जैसी घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में समय रहते ग्रामीणों तक आवश्यक सूचना पहुंचाना और उन्हें सतर्क करना बेहद जरूरी है।

– जंगल में प्रवेश नहीं करने की अपील

वन विभाग ने जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों एवं आबादी क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों और संबंधित मैदानी अमले के माध्यम से मुनादी कराने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने का अनुरोध किया है। ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं कि हाथी के विचरण से उत्पन्न संभावित खतरे की स्थिति सामान्य होने और वन विभाग की अगली सूचना जारी होने तक किसी भी उद्देश्य से जंगल में प्रवेश न करें।

विशेष रूप से लकड़ी, चारा एवं अन्य वनोपज एकत्र करने के लिए जंगल जाने से बचने तथा मवेशियों को चराने के लिए वन क्षेत्र में नहीं ले जाने की अपील की गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने और अपनी तथा अपने मवेशियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।

– गांव-गांव बांटे जाएंगे जागरूकता पंपलेट

वन परिक्षेत्र अधिकारी ने पत्र के साथ जन-जागरूकता संबंधी पंपलेट भी संलग्न किए हैं। इन्हें जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों एवं आबादी क्षेत्रों में वितरित कराने के साथ ग्राम पंचायत भवनों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कराने का अनुरोध किया गया है। इसका उद्देश्य हाथी के विचरण और उससे जुड़े संभावित खतरे की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

– जनहानि रोकने के लिए विभागों के बीच समन्वय पर जोर

वन विभाग ने मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा है कि आमजन के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के साथ वन्यजीवों एवं उनके प्राकृतिक व्यवहार का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है। हाथी के विचरण को देखते हुए आवश्यक निगरानी और एहतियाती कार्रवाई की जा रही है।

वन विभाग ने जनपद पंचायत एवं संबंधित विभागों से आपसी समन्वय बनाकर समयबद्ध तरीके से जागरूकता अभियान चलाने में सहयोग मांगा है, ताकि संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति को टाला जा सके और ग्रामीणों के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।

 

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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