– पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन, नामांतरण, बंटवारा, फॉर्मर आईडी, ई-केवाईसी और खाद्य टोकन सहित कई कार्य प्रभावित
डिंडौरी न्यूज। मध्यप्रदेश पटवारी संघ, भोपाल के आह्वान पर अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर में चल रही राज्यव्यापी कलमबंद हड़ताल का असर शहपुरा तहसील में भी लगातार तीसरे दिन देखने को मिला। तहसील अध्यक्ष जागेश्वर परस्ते के नेतृत्व में क्षेत्र के सभी पटवारी तहसील परिसर में पंडाल लगाकर धरने पर बैठे रहे और शासन से लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की।
पटवारियों की हड़ताल के चलते तहसील कार्यालयों में राजस्व संबंधी कार्य लगभग ठप हो गए हैं। इसका सीधा असर किसानों और आम नागरिकों पर पड़ रहा है। नामांतरण, बंटवारा, फॉर्मर आईडी, आरओआर (ROR) ई-केवाईसी, खाद्य टोकन, किसान क्रेडिट कार्ड, राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्य, आपदा राहत संबंधी प्रकरण तथा अन्य आवश्यक राजस्व सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की सुनवाई और प्रक्रिया भी प्रभावित होने लगी है।
वर्तमान समय खरीफ कृषि सीजन का होने के कारण किसानों को विभिन्न योजनाओं और बैंकिंग कार्यों के लिए आवश्यक राजस्व दस्तावेज समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। फॉर्मर आईडी, भूमि अभिलेख, ई-केवाईसी और अन्य प्रमाणपत्रों में देरी से किसानों को कृषि ऋण, खाद-बीज वितरण तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पटवारी संघ का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संघ की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू लागू करना, नियमित पदोन्नति की व्यवस्था, नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा का आयोजन, समयमान वेतनमान का लाभ, जज प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में शामिल करना तथा वर्षों से लंबित मानदेय एवं अन्य देयकों का भुगतान प्रमुख रूप से शामिल है।
संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं हड़ताल लंबी खिंचने की स्थिति में राजस्व विभाग के कार्यों का बैकलॉग बढ़ने और आम जनता की परेशानियां और अधिक बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
इधर किसानों और आम नागरिकों ने राज्य सरकार से पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि राजस्व विभाग की सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनके प्रभावित होने से कृषि कार्यों के साथ-साथ आम लोगों के दैनिक प्रशासनिक कार्य भी बाधित हो रहे हैं। लोगों ने शासन से जल्द हस्तक्षेप कर राजस्व सेवाओं को सामान्य रूप से बहाल कराने की अपील की है।










