– ज्ञापन सौंपकर तत्काल भारमुक्त करने की मांग, चेतावनी—7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो सामूहिक इस्तीफा देंगे सरपंच
डिंडौरी/करंजिया। करंजिया विकासखंड में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के एक अधिकारी को स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद भारमुक्त नहीं किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरपंच संघ ने जनपद पंचायत करंजिया के माध्यम से प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर संबंधित अधिकारी को तत्काल भारमुक्त किए जाने की मांग की है।

सरपंच संघ के अनुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी कसीस नायक का स्थानांतरण शासन द्वारा जबलपुर जिले में किया जा चुका है। स्थानांतरण आदेश जारी हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें वर्तमान पद से कार्यमुक्त (भारमुक्त) नहीं किया गया है। सरपंचों का कहना है कि यह शासन के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना है और इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सरपंचों ने आरोप लगाया कि अधिकारी के स्थानांतरण के बाद भी पद पर बने रहने से पंचायतों के कई प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। विकास कार्यों के संचालन, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जिसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर पड़ रहा है।
ज्ञापन में सरपंच संघ ने मांग की है कि शासन के स्थानांतरण आदेश का तत्काल पालन कराया जाए और संबंधित अधिकारी को बिना किसी देरी के भारमुक्त किया जाए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
– 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
सरपंच संघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर अधिकारी को भारमुक्त नहीं किया गया, तो विकासखंड के सभी सरपंच सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा देने को बाध्य होंगे। सरपंचों का कहना है कि यदि शासन के आदेशों का ही पालन नहीं होगा तो पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान और अधिकारों का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
अब इस पूरे मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो करंजिया विकासखंड में पंचायत प्रतिनिधियों का आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।










