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डिंडौरी में 443 कर्मचारियों को मिला क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान का लाभ, वर्षों से लंबित प्रकरणों का हुआ निराकरण

एडीटर: Chetram Rajpoot August 4, 2026

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– कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में गठित जिला स्तरीय समिति की पहल रंग लाई, शिक्षकों सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिलेगा उच्चतर वेतनमान का लाभ

डिंडौरी न्यूज। जिले के जनजातीय कार्य विभाग में वर्षों से लंबित क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान से जुड़े प्रकरणों का आखिरकार निराकरण हो गया है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में गठित जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की पहल से जिले के 443 कर्मचारियों, शिक्षकों एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान योजना का लाभ प्रदान किया गया है। इस निर्णय से पात्र कर्मचारियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय उच्चतर वेतनमान का लाभ मिलेगा, जिससे उनके वेतन एवं सेवा संबंधी हितों को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी।

जानकारी के अनुसार, कर्मचारी संगठनों द्वारा लंबे समय से लंबित क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान के प्रकरणों के निराकरण की मांग लगातार उठाई जा रही थी। जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा गया, जिसके बाद शासन के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष समिति का गठन किया गया।

समिति में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य, क्षेत्र संयोजक, सहायक संचालक तथा सीएम राइज विद्यालय नरिया के प्राचार्य को सदस्य बनाया गया। समिति ने 3 अगस्त 2026 को आयोजित बैठक में विभाग के लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर पात्र कर्मचारियों के मामलों को स्वीकृति प्रदान की।

स्वीकृत प्रकरणों में जिले के विभिन्न विकासखंडों में कार्यरत 279 प्राथमिक शिक्षक, 7 सहायक शिक्षक, 2 उच्च श्रेणी शिक्षक, 2 लेखापाल, 6 सहायक ग्रेड-3 तथा 147 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। इस प्रकार कुल 443 कर्मचारियों को क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान योजना का लाभ मिलेगा।

इस निर्णय के बाद कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। विभागीय कर्मचारियों एवं कर्मचारी संगठनों ने वर्षों से लंबित मांग पूरी होने पर कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया तथा जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे कर्मचारी हित में लिया गया महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय बताया। कर्मचारियों का कहना है कि इस पहल से न केवल आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मामलों का समाधान होने से प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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