– 2017 से बंद चुनाव प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग, उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला
डिंडौरी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) महाकौशल प्रांत ने मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में लंबे समय से बंद छात्रसंघ चुनाव को शीघ्र बहाल कराने की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। 15 सितम्बर मंगलबार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र छात्राओं ने डिंडौरी कलेक्टर कार्यालय पहुंच कर स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख है कि छात्र संघों का चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था और विद्यार्थियों के नेतृत्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है, विगत 10 वर्षों से छात्र संघों का चुनाव न होने से युवा वर्ग नेतृत्व को लेकर उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से जल्द चुनाव कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव वर्ष 2017 से बंद हैं। इसके चलते प्रदेश के लाखों विद्यार्थी लंबे समय से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित हैं। एबीवीपी ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक चेतना और संगठनात्मक कौशल विकसित करने का माध्यम भी हैं।
परिषद के अनुसार छात्रसंघ चुनावों के माध्यम से शैक्षणिक परिसरों में विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ती है तथा वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रभावी ढंग से अपनी बात रख सकते हैं। संगठन ने शैक्षणिक परिसरों में स्वस्थ लोकतांत्रिक वातावरण बनाए रखने के लिए छात्र प्रतिनिधित्व को आवश्यक बताया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि एबीवीपी द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रतिनिधिमंडल, बैठकों और अधिवेशनों के माध्यम से सरकार से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग की जाती रही है। हाल ही में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा भी राज्य सरकार को परिसरों में छात्रसंघ चुनाव कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने का हवाला ज्ञापन में दिया गया है।
परिषद ने आरोप लगाया कि सितंबर माह में चुनाव आयोजित किए जाने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक सरकार की ओर से चुनाव संबंधी कोई आधिकारिक सूचना अथवा चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। इससे प्रदेश के छात्र समुदाय में निराशा का भाव है।
एबीवीपी ने मांग की है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप शीघ्र अकादमिक कैलेंडर के अनुसार तथा लिंगदोह समिति की अनुशंसाओं के आधार पर प्रत्यक्ष, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध छात्रसंघ चुनाव आयोजित कराए जाएं। संगठन का कहना है कि इससे उच्च शिक्षा परिसरों में लोकतांत्रिक संस्कृति को मजबूती मिलेगी और विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता का विकास होगा।
