– शाहपुर में पुलिस पर वसूली और मारपीट के आरोप, पीड़ित युवक ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
डिंडौरी न्यूज। शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रकरिया निवासी 28 वर्षीय चैतूसिंह ने शाहपुर थाना प्रभारी सहित तीन अन्य पुलिस कर्मचारियों पर गाली-गलौज, मारपीट और उसकी मोटरसाइकिल जबरन थाने ले जाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर युवक ने 15 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक डिंडौरी के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर घटना की जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में चैतूसिंह ने बताया कि वह 14 सितंबर 2026 की रात तीज पर्व के दौरान खाना खाने के बाद करीब रात 9:30 बजे मोटरसाइकिल से शाहपुर रोड स्थित पुल के पास गया था। उसने अपनी मोटरसाइकिल सड़क किनारे खड़ी की और पास के खेत की ओर शौच के लिए चला गया। इसी दौरान शिकायतकर्ता के अनुसार, शाहपुर थाना प्रभारी केवल परते, उनके चालक और अन्य पुलिस कर्मचारी पुलिस वाहन से वहां पहुंचे और उसे आवाज देकर बुलाया।

– चालान के नाम पर ₹2 हजार मांगने का आरोप
चैतूसिंह के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने उससे मोटरसाइकिल के संबंध में पूछताछ की। उसने बताया कि मोटरसाइकिल उसकी है और उसने इसे कुछ दिन पहले रक्षाबंधन के समय खरीदा था। शिकायत में कहा गया है कि वाहन किस्त पर खरीदा गया था और वाहन एजेंसी की ओर से उसे दस्तावेज उपलब्ध कराए गए थे।
आवेदक का आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने चालान के नाम पर ₹2 हजार की मांग की। उसने यह कहते हुए राशि देने से इनकार किया कि मोटरसाइकिल सड़क किनारे खड़ी है और उसके पास इतने रुपये नहीं हैं। शिकायत के अनुसार, इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
– कॉलर पकड़कर खींचने और पाइप से मारपीट का आरोप
शिकायत में चैतूसिंह ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान थाना प्रभारी ने उसका कॉलर पकड़कर खींचा, जिससे उसकी शर्ट का बटन टूट गया। इसके बाद अन्य तीन पुलिसकर्मियों ने उसके साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की तथा पुलिस वाहन में रखा पाइप निकालकर भी उसे पीटा।
आवेदक के अनुसार मारपीट में उसकी बायीं ओर कमर और बाएं पैर में चोटें आईं। शिकायत में पुलिसकर्मियों पर अश्लील गालियां देने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है।
– मोटरसाइकिल थाने ले जाने का दावा
चैतूसिंह ने बताया कि घटना के बाद उसे पुलिस वाहन में बैठाकर शाहपुर थाना ले जाया गया, जबकि उसकी मोटरसाइकिल को भी एक अन्य पुलिसकर्मी पुलिस वाहन के पीछे-पीछे थाने लेकर गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी मोटरसाइकिल अभी भी शाहपुर थाने में खड़ी है।
शिकायत के मुताबिक, थाने में उसे करीब चार घंटे तक बैठाए रखा गया और मोटरसाइकिल की एजेंसी का फोन नंबर मांगा गया। मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के बाद थाना प्रभारी द्वारा वाहन एजेंसी से फोन पर बातचीत किए जाने का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है।
– बिना मोटरसाइकिल के घर भेजने का आरोप
आवेदक ने शिकायत में कहा है कि बाद में पुलिसकर्मियों ने उसे बिना मोटरसाइकिल के थाने से घर जाने के लिए कहा, जिसके बाद वह अपने घर चला गया। चैतूसिंह का आरोप है कि थाने से निकलते समय पुलिसकर्मियों ने उसे पुलिस से पंगा नहीं लेने की बात कहते हुए भविष्य में झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी भी दी है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि इस घटना के बाद वह और उसके परिवार के लोग भयभीत हैं।
