– लंबे समय से बंद यूनिट शासन-प्रशासन के प्रयासों से फिर हुई शुरू, समूह की महिलाओं के लिए आजीविका का नया अवसर
डिंडौरी न्यूज । अमरपुर विकासखंड में लंबे समय से बंद पड़ी MHYSA हेरिटेज लिकर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को एक बार फिर शुरू कर दिया गया है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित इस यूनिट के संचालन की जिम्मेदारी अब मां नर्मदा स्वसहायता समूह को सौंपी गई है। समूह की 12 सदस्यीय टीम यूनिट की संचालन व्यवस्था संभालेगी। यूनिट के पुनः शुरू होने से स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को रोजगार और आय का नया अवसर मिलने की उम्मीद है।
यूनिट के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अनुसूचित जनजाति प्रदेशाध्यक्ष पंकज सिंह तेकाम ने कहा कि खाद्य एवं पेय पदार्थों के निर्माण से जुड़े कार्य में गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने स्वसहायता समूह की सदस्यों से पूरी सावधानी, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समूह को आगे बढ़ाने के लिए शासन-प्रशासन तथा उनके स्तर से हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
– बंद इकाई को दोबारा शुरू करना चुनौतीपूर्ण कार्य
कार्यक्रम में बताया गया कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत इस तरह की संस्थाएं अलीराजपुर और डिंडौरी में संचालित हैं। डिंडौरी की हेरिटेज लिकर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट विभिन्न कारणों से लंबे समय से बंद थी। शासन-प्रशासन के प्रयासों तथा स्वसहायता समूह के सदस्यों की मेहनत के बाद इसे पुनः शुरू किया गया है।
अधिकारियों एवं उपस्थित अतिथियों ने कहा कि लंबे समय से बंद किसी इकाई को दोबारा व्यवस्थित रूप से शुरू करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण कार्य है। ऐसे में समूह की सदस्यों को मेहनत, लगन और जिम्मेदारी के साथ यूनिट का संचालन करना होगा, ताकि यह गतिविधि लगातार आगे बढ़ सके और इससे जुड़ी महिलाओं की आजीविका को मजबूती मिल सके।
– कलेक्टर ने दिए सुचारु संचालन पर जोर
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मां नर्मदा स्वसहायता समूह की सदस्यों को यूनिट के संचालन की जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यूनिट के सुचारु संचालन, निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति तथा समूह की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सहयोग और विभागीय समन्वय पर जोर दिया।
उन्होंने समूह के सदस्यों को उपलब्ध अवसर का बेहतर उपयोग करते हुए जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि यूनिट के संचालन से स्वसहायता समूह की आर्थिक गतिविधियों को स्थायित्व मिल सके।
– ये रहे मौजूद
शुभारंभ कार्यक्रम में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक आशीष खरे, जिला वनमंडल अधिकारी अशोक सोलंकी, जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन, अनुसूचित जनजाति प्रदेशाध्यक्ष पंकज सिंह तेकाम, भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
