डिंडौरी न्यूज । अपराध अनुसंधान को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए डिंडौरी पुलिस ने ई-विवेचना (e-Vivechana) प्रणाली की शुरुआत कर दी है। इस पहल से अब विवेचना अधिकारी घटनास्थल से ही डिजिटल माध्यम से केस डायरी तैयार करने, फोटो-वीडियो सहित डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित अपलोड करने और विभिन्न आवश्यक दस्तावेज मौके पर ही तैयार करने में सक्षम होंगे। इससे पुलिस विवेचना पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी, वैज्ञानिक और प्रभावी होगी।
रविवार को पुलिस अधीक्षक आशीष खरे एवं एसडीओपी सतीश द्विवेदी ने थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नागपुर की उपस्थिति में कोतवाली डिंडौरी में ई-विवेचना टैबलेट का शुभारंभ किया। अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुलिस की कार्यप्रणाली में गुणवत्ता, दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी तथा अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी।

– प्रथम चरण में तीन थानों को मिले 46 टैबलेट
पुलिस मुख्यालय द्वारा जिले को कुल 116 ई-विवेचना टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका वितरण चरणबद्ध तरीके से सभी थाना एवं चौकियों में किया जाएगा। पहले चरण में थाना कोतवाली डिंडौरी को 25, थाना शहपुरा को 9 तथा थाना समनापुर को 12 टैबलेट प्रदान किए गए हैं। आगामी चरणों में शेष टैबलेट जिले के अन्य थाना एवं चौकियों में वितरित किए जाएंगे, जिससे पूरे जिले में डिजिटल विवेचना प्रणाली को मजबूत किया जा सके।
– घटनास्थल से ही तैयार होंगे केस दस्तावेज
नई डिजिटल व्यवस्था के तहत विवेचना अधिकारी घटनास्थल से ही डिजिटल केस डायरी, जप्ती पंचनामा, गिरफ्तारी पंचनामा सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार कर सकेंगे। साथ ही फोटो, वीडियो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित रूप से अपलोड किया जा सकेगा। इससे कागजी कार्यवाही कम होगी, समय की बचत होगी और विवेचना की गति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
वैज्ञानिक जांच और प्रभावी मॉनिटरिंग को मिलेगा बढ़ावा
ई-विवेचना प्रणाली के माध्यम से साक्ष्यों का सुरक्षित डिजिटल संरक्षण किया जाएगा, जिससे अनुसंधान अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगा। वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से विवेचना की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध समीक्षा भी कर सकेंगे। इससे जवाबदेही बढ़ेगी और पुलिसिंग अधिक पारदर्शी बनेगी।

– BNSS के प्रावधानों का भी होगा डिजिटल पालन
ई-विवेचना टैबलेट के जरिए अपराध विवरण प्रपत्र (Crime Detail Form) डिजिटल रूप से तैयार कर भेजे जा सकेंगे। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी करने, एमएलसी (MLC), पोस्टमार्टम (PM) दस्तावेजों के डिजिटल संधारण तथा प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से जुड़े प्रकरणों के निष्पादन जैसी प्रक्रियाएं भी टैबलेट के माध्यम से की जा सकेंगी।
– बेहतर पुलिस सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
डिंडौरी पुलिस का कहना है कि ई-विवेचना प्रणाली के लागू होने से अधिकांश विवेचना संबंधी कार्य डिजिटल माध्यम से संपादित किए जा सकेंगे। इससे कार्य में तेजी, शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी तथा आम नागरिकों को अधिक गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। आधुनिक तकनीक आधारित यह पहल जिले में डिजिटल पुलिसिंग को नई मजबूती प्रदान करेगी।










