डिंडौरी न्यूज । भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग द्वारा संचालित ’जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत जिले में जल संचय और जनभागीदारी के माध्यम से किए गए कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। इस अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मध्यप्रदेश में डिंडौरी जिला प्रथम तथा देशभर में तीसरे स्थान पर रहा है।
अभियान के तहत जिले की ग्राम पंचायतों, विकासखंडों, तहसीलों, जिला मुख्यालय तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए विभिन्न संरचनाओं का निर्माण किया गया। इनमें कन्टूर ट्रेंच, सोखता टैंक, मेढ़ बंधान, खेत तालाब, तालाब, नदी-नाले, नलकूप, हैंडपंप, डगवेल, सोखता पिट, बावड़ी, कुआं, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग, शासकीय एवं अर्धशासकीय भवनों के समीप वर्षा जल संचयन संरचनाएं, ड्रिप इरीगेशन और मटका पद्धति जैसी तकनीकें शामिल हैं। इन संरचनाओं से आगामी समय में भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद है।
इन्हीं कार्यों के निरीक्षण एवं मूल्यांकन के लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से निरीक्षण दल 22 जून से 25 जून 2026 तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा कर रहा है। सहायक अधिशासी अभियंता/ जिला सीएमएनओ श्री नरेश कुमार रोहित, कनिष्ट अभियंता श्री शिवदयाल एवं श्री कनिष्ट अभियंता श्री शुभम अग्रहरी शामिल हैं।
निरीक्षण के पहले दिन टीम ने विकासखंड मेंहदवानी के ग्राम पंचायत मनेरी, डुलहरी, कनेरीमाल और मटियारी एवं विकासखंड डिंडौरी ग्राम पंचायत आनाखेडा, मेर माल, तेंदूमेर मोहतरा, पलकी और धमनगांव में निर्मित जल संरचनाओं का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से आगामी बारिश में भूजल स्तर में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी।
यह उपलब्धि जिले में जल संरक्षण के प्रति प्रशासन और जनभागीदारी के समन्वित प्रयासों का परिणाम है, जो आने वाले समय में जल संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।











