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डिंडौरी में पंचायत निधि के दुरुपयोग पर कार्रवाई, सरपंच और सचिव से होगी 4.99 लाख की वसूली

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot June 25, 2026

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– सीसी रोड निर्माण में अनियमितता साबित, सरपंच और तत्कालीन सचिव पर 4.99 लाख रुपये की वसूली का आदेश

– पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 के तहत जिला पंचायत के विहित प्राधिकारी दिव्यांशु चौधरी ने की कार्रवाई

डिंडौरी। जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरिया में सीसी रोड निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता के मामले में जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विहित प्राधिकारी (पंचायत) दिव्यांशु चौधरी ने सरपंच और तत्कालीन सचिव के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 4 लाख 99 हजार 500 रुपये की वसूली का आदेश जारी किया है। यह आदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत पारित किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत पिपरिया में 15वें वित्त आयोग एवं मनरेगा मद से स्वीकृत सीमेंट कंक्रीट (सीसी) रोड निर्माण कार्य में नियमों के विपरीत तरीके से राशि आहरित किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर जनपद स्तरीय जांच समिति द्वारा जांच की गई, जिसमें निर्माण कार्य से संबंधित गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

जांच में क्या मिला..?

जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायत पिपरिया में सीसी रोड निर्माण कार्य का मौके पर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण और अभिलेखों के परीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण एजेंसी द्वारा 4,99,500 रुपये की राशि नियम विरुद्ध तरीके से आहरित की गई। जांच समिति ने इस राशि को वसूली योग्य मानते हुए तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की।

सरपंच और सचिव को दिए गए कई अवसर

प्रकरण दर्ज होने के बाद ग्राम पंचायत पिपरिया की सरपंच श्रीमती सरिता बाई पट्टा तथा तत्कालीन सचिव लक्ष्मण सिंह धुर्वे को सुनवाई के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए। आदेश में उल्लेख है कि 09 अप्रैल से 14 जून 2026 के बीच कुल सात अवसर प्रदान किए गए, ताकि संबंधित पक्ष अपने बचाव में दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत कर सकें।

हालांकि, पर्याप्त अवसर मिलने के बावजूद संबंधित पक्षों द्वारा जांच निष्कर्षों का खंडन करने वाले ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। सुनवाई के दौरान भी अनियमित भुगतान को उचित ठहराने संबंधी कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया।

दोनों से बराबर-बराबर होगी वसूली

विहित प्राधिकारी ने जांच प्रतिवेदन एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर यह माना कि पंचायत निधि का दुरुपयोग हुआ है। इसके बाद आदेश जारी करते हुए कुल 4,99,500 रुपये की राशि सरपंच और तत्कालीन सचिव से समान रूप से वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश के अनुसार— सरिता बाई पट्टा, सरपंच से ₹2,49,750 की वसूली होगी। लक्ष्मण सिंह धुर्वे, तत्कालीन सचिव से ₹2,49,750 की वसूली होगी। इस प्रकार दोनों से मिलाकर कुल ₹4,99,500 की शासकीय राशि जमा कराई जाएगी।

– 15 दिन में राशि जमा करने के निर्देश

जिला पंचायत डिंडौरी द्वारा पारित आदेश में कहा गया है कि संबंधित व्यक्तियों को निर्धारित अवधि में राशि शासकीय खाते में जमा करनी होगी। यदि आदेश के पालन में विलंब होता है तो नियमानुसार आगे की वसूली कार्रवाई की जाएगी। तत्कालीन सचिव के मामले में आवश्यक होने पर वेतन से भी निर्धारित प्रतिशत के अनुसार राशि की वसूली किए जाने का प्रावधान रखा गया है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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