संतोष सिंह चंदेल, डिंडौरी। भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। डिंडौरी-अमरकंटक नेशनल हाईवे स्थित सागर टोला चौराहे पर ग्रामीणों ने पानी की समस्या को लेकर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से गांव में पेयजल संकट बना हुआ है। कई बार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायत दी गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। धरातल पर आज तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी। लोगों का कहना है कि गांव में पीने तक के लिए पानी उपलब्ध नहीं है और महिलाएं व बच्चे दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और ही दिखाई दे रही है। योजनाएं कागजों तक सीमित हैं, जबकि गांवों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। जिले में हर वर्ष गर्मी के मौसम में दर्जनों गांवों के लोग पानी की समस्या को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को समझाइश देने का प्रयास किया। अधिकारियों ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि गांव में पानी चाहिए।











