होम राज्य मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़़ क्राइम न्यूज इंटरनेशनल न्यूज कोर्ट न्यूज राजनीति संसदीय संपादकीय अर्थ जगत हेल्थ शिक्षा खेल विज्ञान

रीवा हादसे को लेकर जैन समाज में उबाल, संत सुरक्षा नीति और निष्पक्ष जांच की उठी मांग

akvlive.in

Published

डिंडौरी न्यूज । मध्यप्रदेश के रीवा जिले में विहाररत पूज्य आर्यिका माताजी एवं जैन संत संघ के साथ हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना को लेकर सकल जैन समाज में गहरा आक्रोश और शोक व्याप्त है। घटना के विरोध में एवं विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग को लेकर सकल जैन समाज डिंडोरी द्वारा महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।

समाजजनों ने ज्ञापन में रीवा घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि मामले से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। साथ ही दुर्घटना के दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या षड्यंत्र सामने आने पर संबंधित जिम्मेदार लोगों पर सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठाई गई।

ज्ञापन में समाजजनों ने कहा कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज को शांति, संयम और अहिंसा का संदेश देते हैं। वे किसी प्रकार की सुरक्षा या सुविधाओं का उपयोग नहीं करते, ऐसे में उनके साथ लगातार बढ़ रही दुर्घटनाएं अत्यंत चिंताजनक और गंभीर विषय हैं।

समाज ने विहाररत संतों की सुरक्षा के लिए “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की मांग की। इसमें विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण, पुलिस समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी तथा यात्रा के दौरान सुरक्षा सहायता सुनिश्चित करने की बात कही गई। साथ ही भारत सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाए जाने की भी मांग की गई, ताकि देशभर में विहाररत साधु-संत सुरक्षित वातावरण में धर्म साधना कर सकें।

ज्ञापन सौंपने के दौरान एसडीएम राम बाबू देवांगन ने समाजजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिले में जब भी किसी साधु-संत का आगमन अथवा विहार प्रस्तावित हो, समाज द्वारा दो दिन पूर्व रूट चार्ट प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए। इससे प्रशासन समय रहते सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित कर सकेगा। उन्होंने प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया।

ब्रह्मचारी वैभव भैया (सनी) के नेतृत्व में समाजजनों ने एसडीएम राम बाबू देवांगन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अधिवक्ता सम्यक जैन, डॉ. सुनील जैन, संजय जैन, रितेश जैन, सचिन जैन, शरद जैन, सपना जैन, मालिनी जैन, अभ्या जैन, अम्बर जैन, अक्षत जैन, पराग जैन, शारविल जैन, सेजल जैन, पुनीत जैन, सत्येंद्र जैन सहित सकल जैन समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन, गृह मंत्री भारत सरकार, कलेक्टर डिंडौरी एवं पुलिस अधीक्षक डिंडौरी को भी प्रेषित की गई। समाजजनों ने अंत में कहा कि जो संत स्वयं निहत्थे रहकर मानवता को अहिंसा, संयम और सद्भाव का मार्ग दिखाते हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों का नैतिक दायित्व है।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..