– राजस्व हित प्रभावित होने पर सख्त कदम, नियम-1966 के तहत तत्काल प्रभाव से कार्रवाई
ग्वालियर/भोपाल। मध्यप्रदेश आबकारी विभाग में कार्यप्रणाली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। वर्ष 2026-27 की अवधि में मदिरा दुकानों के निष्पादन में शासकीय राजस्व हितों की अनदेखी और लक्ष्य पूर्ति में विफलता के चलते दो जिला आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, अशोकनगर एवं गुना में पदस्थ प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी गुरुप्रसाद केवट के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं बैतूल जिले में पदस्थ जिला आबकारी अधिकारी अंशुमन सिंह चिड़ार को भी समान कारणों से निलंबित किया गया है।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि इन अधिकारियों द्वारा मदिरा दुकानों के निष्पादन में अपेक्षित तत्परता और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की पूर्ति नहीं हो सकी। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई।
निलंबन अवधि के दौरान गुरुप्रसाद केवट का मुख्यालय संभागीय उड़नदस्ता, ग्वालियर रखा गया है, जबकि अंशुमन सिंह चिड़ार को उपआयुक्त आबकारी कार्यालय, भोपाल में अटैच किया गया है। दोनों अधिकारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
यह आदेश आबकारी आयुक्त दीपक कुमार सक्सेना द्वारा जारी किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आगामी समय में अन्य जिलों में भी प्रदर्शन के आधार पर समीक्षा कर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।












