जबलपुर के स्वास्थ्य विभाग में सामने आए 93 लाख रुपये के फर्जी भुगतान घोटाले में राज्य शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय मिश्रा को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर राघवेंद्र सिंह द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के आधार पर भोपाल से जारी आदेश के तहत की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में फर्जी बिलों के माध्यम से भुगतान किए जाने की शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की थी। जांच में सामने आया कि 12 फर्जी देयकों के जरिए भोपाल की एक निजी कंपनी को 93 लाख 4 हजार 998 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि संबंधित सामग्री की वास्तविक आपूर्ति नहीं हुई थी।
जांच रिपोर्ट में वित्तीय नियमों की अनदेखी, बिना सामग्री प्राप्त किए भुगतान, प्रक्रिया का उल्लंघन तथा महत्वपूर्ण दस्तावेजों के गायब होने जैसे गंभीर तथ्य उजागर हुए हैं। इन अनियमितताओं के आधार पर CMHO डॉ. संजय मिश्रा की भूमिका संदिग्ध पाई गई और उन पर लापरवाही के साथ संलिप्तता के आरोप लगे हैं।
पूर्व में भी हो चुकी कार्रवाई
इस मामले में पूर्व में भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा चुकी है। स्टोर कीपर का दायित्व संभाल रहे फार्मासिस्ट नीरज कौरव को निलंबित किया गया है। वहीं जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्य तिवारी तथा फार्मासिस्ट जवाहर लोधी को सिहोरा स्थानांतरित किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह मरावी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई, जिसमें कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।












