जबलपुर। समर्थन मूल्य में धान उपार्जन व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाकर अवैध रूप से धान का परिवहन एवं भंडारण करने के मामले में खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग द्वारा कुंडम थाने में नौ व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि इंदौर से जबलपुर भेजी गई 21.5 मीट्रिक टन धान का अवैध परिवहन कर उसे तिलसानी स्थित वाजपेयी वेयरहाउस में नियमों के विपरीत भंडारित कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कुंडम द्वारा मामले की विस्तृत जांच की गई। जांच में सामने आया कि व्यापारियों, बिचौलियों, खरीदी केंद्र प्रभारी, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के कर्मचारी की मिलीभगत से धोखाधड़ी कर अवैध लाभ अर्जित किया गया।
– कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
प्रकरण की प्रथम सूचना रिपोर्ट श्रीमती आभा शर्मा, पति विवेक कुमार शर्मा, उम्र 43 वर्ष, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी कुंडम (खाद्य विभाग, कलेक्ट्रेट जबलपुर) द्वारा दिनांक 03 फरवरी 2026 को थाना कुंडम में दर्ज कराई गई। यह एफआईआर कलेक्टर (खाद्य शाखा) जबलपुर के आदेश क्रमांक 135/खरीफ 25-26/खाद्य/एफ-2/2026 दिनांक 02 फरवरी 2026 के परिपालन में प्रस्तुत की गई।
– इंदौर से भेजी गई धान, तिलसानी में मिला अवैध भंडारण
जांच में पाया गया कि दिनांक 13 जनवरी 2026 को मां वैष्णव ट्रांसपोर्ट कंपनी, न्यू लोहा मंडी देवास (इंदौर) द्वारा ट्रक क्रमांक UP83BT4945 के माध्यम से लगभग 21.5 मीट्रिक टन धान श्री पार्श्वनाथ इंटरप्राइजेज/सुहाने ट्रेडर्स जबलपुर के नाम भेजी गई थी। उक्त धान को समर्थन मूल्य पर विक्रय हेतु लाया जाना दर्शाया गया, किंतु अवैध लाभ कमाने की नीयत से इसे वाजपेयी वेयरहाउस, तिलसानी में अवैध रूप से भंडारित किया गया।
– जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुंडम द्वारा दिनांक 18 जनवरी 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में बिचौलियों सचिन साहू, यदुनंदन उर्फ सोनू गोस्वामी, बादल सुहाने, बुद्धसेन कोल सहित अन्य की स्पष्ट संलिप्तता पाई गई। प्रकरण में प्रयुक्त वाहनों MP20 CN 1764, MP20 ZL 9242 एवं MP20 4776 की मूवमेंट, वाहन मालिकों तथा उनके उपयोग की विस्तृत जांच आवश्यक बताई गई है।
– फर्जी व्यापारिक गतिविधियों का भी संदेह
जांच के दौरान सुहाने ट्रेडर्स (GSTN-231HRPS9293B2ZM) के व्यावसायिक स्थल का निरीक्षण किया गया, जहां केवल आवास पाया गया। न तो फर्म का बोर्ड लगा था और न ही किसी प्रकार की व्यापारिक गतिविधि प्राथमिक रूप से पाई गई। प्रस्तुत क्रेडिट मेमो एवं बिलों की वाणिज्यिक कर विभाग से जांच कराने की अनुशंसा की गई है।
– 9 आरोपियों के विरुद्ध दर्ज हुआ मामला
प्रकरण में जिन आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें —सचिन साहू,यदुनंदन उर्फ सोनू गोस्वामी,कमलेश (चौकीदार),बादल सुहाने,बुद्धसेन कोल,पूरन सिंह बरकडे (खरीदी केंद्र प्रभारी),अमितपुरी गोस्वामी (ऑपरेटर),मनीष पटले (MPWLC कर्मचारी),अन्य संलिप्त व्यक्ति शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(2), 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध परिवहन या भंडारण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।












