मध्यप्रदेश के उमरिया जिला पंचायत सीईओ द्वारा ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपए की वित्तीय अनियमितताओं को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अभय सिंह ने जिले के 60 सरपंचों के विरुद्ध गबन की राशि वसूली के आदेश पारित किए हैं। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 एवं 92 के तहत की गई है।
जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत मानपुर, पाली एवं करकेली के अंतर्गत विभिन्न पंचायतों के सरपंचों द्वारा शासन की योजनाओं में गड़बड़ी और राशि गबन के कुल 59 प्रकरण दर्ज किए गए थे। इन प्रकरणों की सुनवाई के बाद 60 सरपंचों के खिलाफ वसूली के आदेश जारी किए गए हैं।
सीईओ अभय सिंह ने बताया कि संबंधित सरपंचों को निर्देश दिए गए थे कि वे जिला पंचायत उमरिया के एकल खाते (पंजाब नेशनल बैंक, शाखा उमरिया) में गबन की राशि जमा करें, लेकिन अब तक राशि जमा नहीं की गई है। वहीं, अन्य अनावेदक जैसे पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायकों के वेतन से वसूली की कार्रवाई लगातार जारी है।
प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाते हुए सरपंचों को 15 दिन का अंतिम अवसर दिया है। इस अवधि में राशि जमा कर पावती प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय सीमा में राशि जमा नहीं की जाती है, तो संबंधित सरपंचों की चल एवं अचल संपत्ति को सार्वजनिक नीलामी के माध्यम से वसूला जाएगा।
इसके साथ ही, पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 (क) एवं सहायक धारा 5 के तहत दोषी सरपंचों को आगामी 6 वर्षों तक किसी भी पंचायत चुनाव में भाग लेने से अयोग्य घोषित किया जाएगा। इतना ही नहीं, नियमों के तहत सिविल जेल भेजने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप की स्थिति है और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के बीच भी सख्ती का संदेश गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन की योजनाओं में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।












