डिंडौरी न्यूज। जिले में अवैध नलकूप खनन पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया द्वारा 6 फरवरी 2026 को जिले को जल अभावग्रस्त घोषित करते हुए निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद अवैध रूप से नलकूप खनन की शिकायतें सामने आने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसी क्रम में 17 मार्च 2026 को विकासखंड अमरपुर के ग्राम पिपरिया के छिंदा टोला में बिना अनुमति नलकूप खनन की सूचना पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखंड डिंडौरी के सहायक यंत्री द्वारा मौके पर दबिश दी गई। निरीक्षण के दौरान संबंधित बोरवेल वाहन मौके से फरार पाया गया। ग्रामीणों के अनुसार वाहन द्वारा लगभग 40 फीट तक नलकूप खनन कर कार्य अधूरा छोड़कर स्थल से भाग गया।
मौके के निरीक्षण में भूमिस्वामी के पास नलकूप खनन की कोई वैध अनुमति नहीं पाई गई। इस पर बोरवेल वाहन मालिक श्री अमन बोरवेल के विरुद्ध थाना डिंडौरी में एफआईआर दर्ज कराने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है। थाना प्रभारी द्वारा स्थल का मुआयना कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट एवं भूजल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बिना अनुमति नलकूप खनन पूर्णतः प्रतिबंधित है। नलकूप खनन के लिए पूर्व में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को आवेदन प्रस्तुत करना तथा आवश्यक होने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अनुशंसा प्राप्त कर अनुमति लेना अनिवार्य है।
जिला प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि अवैध नलकूप खनन की सूचना देने वाले व्यक्तियों को नगद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।







