डिंडौरी न्यूज। समनापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कोकोमटा में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार को दो बार आवास योजना का लाभ दिए जाने से ग्रामीणों में भारी असंतोष व्याप्त है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी परिवार में पति या पत्नी को केवल एक बार ही आवास योजना का लाभ दिया जा सकता है। इसके बावजूद ग्राम पंचायत कोकोमटा में नियमों की अनदेखी करते हुए एक ही परिवार को दो अलग-अलग योजनाओं के तहत लाभान्वित कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच राममिलन मरकाम (जिन्हें अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से पद से हटाया जा चुका है) के नाम पर वर्ष 2021-22 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत कर राशि जारी की गई। वहीं, उनकी पत्नी कपूरिया बाई के नाम पर वर्ष 2024-25 में पीएम जनमन आवास योजना के अंतर्गत पुनः आवास स्वीकृत कर राशि जारी कर दी गई।
बताया जा रहा है कि दोनों हितग्राहियों के परिवार आईडी अलग-अलग होने का हवाला देकर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया, जबकि वास्तविकता में दोनों एक ही परिवार से संबंधित हैं। ऐसे में यह मामला सीधे तौर पर योजना के नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करता है।
गौरतलब है कि पंचायत सचिव द्वारा दिनांक 21 फरवरी 2025 को जनपद पंचायत को पत्र लिखकर इस स्थिति से अवगत कराया गया था और मार्गदर्शन मांगा गया था। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि राममिलन मरकाम और उनकी पत्नी कपूरिया बाई, दोनों को अलग-अलग योजनाओं के तहत लाभ देने की स्थिति बन रही है। इसके बावजूद जनपद पंचायत स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और दोनों के नाम पर राशि जारी कर दी गई।
इस पूरे मामले ने जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को भी संदेह के घेरे में ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर गांव में कई पात्र हितग्राही आज भी आवास योजना के लाभ से वंचित हैं, वहीं दूसरी ओर एक ही परिवार को बार-बार लाभ देना सरासर अन्याय है।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंच सके और इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।








