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मंडल अध्यक्ष के राजनीतिक दबाव में प्रशासन निष्क्रिय? पीड़ित मीसाबंदी ने सीएम आवास में आमरण अनशन की दी चेतावनी

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot March 17, 2026

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डिंडौरी न्यूज। जिले के शहपुरा बाजपई मंडल अध्यक्ष भजन दास चक्रवर्ती पर निजी जमीन पर अवैध कब्जा करने का गंभीरआरोप लगाते हुए पीड़ित मीसाबंदी ने न्याय न मिलने पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदान की गई लोकतंत्र सेनानी सम्मान ताम्रपत्र जनसुनवाई में कलेक्टर को लौटाने का प्रयास किया ।

पीड़ित ने अनेकों शिकायत के बाद भी जिला प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए आमरण अनशन की चेतावनी दी है। इस संबंध में कलेक्टर डिंडौरी को लिखित शिकायत भी सौंपी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहपुरा निवासी जयनारायण साहू (लोकतंत्र सेनानी) ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी स्वामित्व वाली भूमि, जो उमरिया रोड शहपुरा स्थित खसरा नंबर 132/2 में दर्ज है, पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष भजनदास चक्रवर्ती द्वारा उनकी जमीन पर अवैध रूप से निर्माण कर कब्जा किया जा रहा है, जिसका उन्होंने विरोध किया तो उन्हें मारपीट और गाली-गलौज का सामना करना पड़ा।

शिकायत में बताया गया है कि इस पूरे मामले की सूचना 4 फरवरी 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा, तहसीलदार शहपुरा और थाना प्रभारी को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का आरोप है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष के राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है, जिससे उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।

जयनारायण साहू का यह भी कहना है कि संबंधित व्यक्ति अपनी रजिस्ट्री भूमि को छोड़कर उनकी जमीन पर अतिक्रमण कर रहा है और सीमा निर्धारण (सीमांकन) भी नहीं कराया जा रहा, जिससे विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से इस तरह की गतिविधियां जारी हैं और कई बार विवाद व झड़प की स्थिति बन चुकी है।

पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि खसरा नंबर 132 की भूमि का सीमांकन कराते हुए संबंधित तीनों पक्षों—भजनदास/शिवकुमार चक्रवर्ती, तोखन लाल साहू/भुरे लाल साहू तथा जयतरायण साहू—की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का निराकरण 10 दिनों के भीतर नहीं किया गया, तो वे भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के समक्ष आमरण अनशन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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