होम राज्य मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़़ क्राइम न्यूज इंटरनेशनल न्यूज कोर्ट न्यूज राजनीति संसदीय संपादकीय अर्थ जगत हेल्थ शिक्षा खेल विज्ञान

मंडल अध्यक्ष के राजनीतिक दबाव में प्रशासन निष्क्रिय? पीड़ित मीसाबंदी ने सीएम आवास में आमरण अनशन की दी चेतावनी

akvlive.in

Published

डिंडौरी न्यूज। जिले के शहपुरा बाजपई मंडल अध्यक्ष भजन दास चक्रवर्ती पर निजी जमीन पर अवैध कब्जा करने का गंभीरआरोप लगाते हुए पीड़ित मीसाबंदी ने न्याय न मिलने पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदान की गई लोकतंत्र सेनानी सम्मान ताम्रपत्र जनसुनवाई में कलेक्टर को लौटाने का प्रयास किया ।

पीड़ित ने अनेकों शिकायत के बाद भी जिला प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए आमरण अनशन की चेतावनी दी है। इस संबंध में कलेक्टर डिंडौरी को लिखित शिकायत भी सौंपी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहपुरा निवासी जयनारायण साहू (लोकतंत्र सेनानी) ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी स्वामित्व वाली भूमि, जो उमरिया रोड शहपुरा स्थित खसरा नंबर 132/2 में दर्ज है, पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष भजनदास चक्रवर्ती द्वारा उनकी जमीन पर अवैध रूप से निर्माण कर कब्जा किया जा रहा है, जिसका उन्होंने विरोध किया तो उन्हें मारपीट और गाली-गलौज का सामना करना पड़ा।

शिकायत में बताया गया है कि इस पूरे मामले की सूचना 4 फरवरी 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा, तहसीलदार शहपुरा और थाना प्रभारी को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का आरोप है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष के राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है, जिससे उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।

जयनारायण साहू का यह भी कहना है कि संबंधित व्यक्ति अपनी रजिस्ट्री भूमि को छोड़कर उनकी जमीन पर अतिक्रमण कर रहा है और सीमा निर्धारण (सीमांकन) भी नहीं कराया जा रहा, जिससे विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से इस तरह की गतिविधियां जारी हैं और कई बार विवाद व झड़प की स्थिति बन चुकी है।

पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि खसरा नंबर 132 की भूमि का सीमांकन कराते हुए संबंधित तीनों पक्षों—भजनदास/शिवकुमार चक्रवर्ती, तोखन लाल साहू/भुरे लाल साहू तथा जयतरायण साहू—की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का निराकरण 10 दिनों के भीतर नहीं किया गया, तो वे भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के समक्ष आमरण अनशन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

संबंधित ख़बरें