डिंडौरी न्यूज । जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब करीब नौ वर्षों से थाना परिसर में जप्त खड़ा एक वाहन कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद मुक्त कर दिया गया। लंबे समय से लंबित इस प्रकरण के निराकरण ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े किए और जनसुनवाई की प्रभावशीलता को भी रेखांकित किया।
मानिकपुर, थाना समनापुर निवासी श्री धनंजय तिवारी ने जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उनका वाहन क्रमांक एमपी 13 केसी 7755 दिनांक 19 अक्टूबर 2019 को दस्तावेजों के अभाव में विशेष जांच दल, जबलपुर द्वारा जप्त किया गया था। तब से लेकर अब तक वे वाहन प्राप्ति के लिए प्रयासरत रहे, लेकिन प्रकरण का निराकरण नहीं हो सका। वाहन वर्षों तक थाना परिसर में खड़ा रहा।

मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने तत्काल जिला परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया कि नियमानुसार परीक्षण कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। प्रकरण की जांच के बाद शासन की अधिसूचना एवं पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVFS) योजना के प्रावधानों के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर वाहन की रिहाई सुनिश्चित की गई।
निर्धारित शर्तों का पालन करने के उपरांत वाहन स्वामी को वाहन सौंप दिया गया। नौ वर्षों से अटके मामले के समाधान के बाद वाहन स्वामी ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
हालांकि यह राहत भरा निर्णय है, लेकिन सवाल भी उठ रहे हैं कि यदि समाधान संभव था तो फिर मामला इतने वर्षों तक लंबित क्यों रहा? जनसुनवाई में एक आदेश से हुए समाधान ने जहां प्रशासन की तत्परता दिखाई, वहीं सिस्टम की धीमी गति पर भी बहस छेड़ दी है।







