होम राज्य मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़़ क्राइम न्यूज इंटरनेशनल न्यूज कोर्ट न्यूज राजनीति संसदीय संपादकीय अर्थ जगत हेल्थ शिक्षा खेल विज्ञान

पुलिस मुख्यालय का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : 30 आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक हुए स्थानांतरित

akvlive.in

Published

भोपाल/बालाघाट। मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार बालाघाट, डिंडौरी एवं मंडला जिलों में पदस्थ 30 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण विभिन्न जिलों में किया गया है। आदेश पुलिस स्थापना बोर्ड की अनुशंसा एवं पुलिस मुख्यालय भोपाल के परिपत्र के परिपालन में जारी किया गया है।

जारी सूची में अधिकांश आरक्षकों को बालाघाट जिले से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भेजा गया है, जबकि डिंडौरी और मंडला से भी कई कर्मचारियों की नवीन पदस्थापना की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी कर्मचारियों को “स्वयं के व्यय” पर तत्काल नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा।

बालाघाट से इन जिलों में भेजे गए पुलिसकर्मी

सूची के अनुसार आरक्षक अनिल कुमार तिवारी, राकेश कुल्हाड़े और रामगोपाल धुर्वे को छिंदवाड़ा भेजा गया है। अरविंद जाटव को नरसिंहपुर, कल्याण सिंह भदौरिया एवं नेमीसिंह राजपूत को भिंड, दिलीप भूरिया को उज्जैन, सुरेंद्र मेघा और शिवनारायण कुशवाह को रायपुर, मोहित मिश्रा को छतरपुर तथा राजकुमार सालंकी को सिवनी स्थानांतरित किया गया है। इसी प्रकार वीरेंद्र लोधी एवं रोकेश लोधी को नरसिंहपुर, रविंद्र कुमार धुर्वे, चेतन सोनी, देवेंद्र परसाम, चन्द्रसेन सिंह गौतम और नितेश महोरे को पांढुर्णा भेजा गया है।

राजू शिवे को खरगोन, शुभम देवांग को हरदा तथा जितेंद्र सिंह सेंगर को कटनी स्थानांतरित किया गया है।

डिंडौरी और मंडला से भी तबादले

डिंडौरी में पदस्थ प्रधान आरक्षक दीपक चौरे को सिवनी, सत्यानारायण पटेल को शहडोल, अशोक कुमार अहिरवार को दमोह तथा संतोष सिंह तोमर को भिंड भेजा गया है। वहीं मंडला से आरक्षक इन्द्रकुमार यादव को छिंदवाड़ा, प्रधान आरक्षक राजेंद्र मिश्रा को जबलपुर और शरद कुमार मराठे को सिवनी स्थानांतरित किया गया है।

विभागीय कसावट और प्रशासनिक जरूरतों से जोड़ा जा रहा फैसला

पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार यह स्थानांतरण प्रशासनिक आवश्यकता, कार्यप्रणाली में कसावट और विभागीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। लंबे समय से एक ही जिले में पदस्थ कर्मचारियों को अन्य जिलों में भेजा गया है।

 

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

संबंधित ख़बरें