डिंडौरी न्यूज। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिलेभर से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया गया। जनसुनवाई के दौरान कुल 75 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर कलेक्टर द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में ग्राम अमरपुर निवासी शादाब खान ने आवेदन देकर बताया कि उन्होंने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा अझवार (डिण्डौरी) द्वारा आयोजित ई-नीलामी में खसरा क्रमांक 108/1 की भूमि/भवन 15 लाख 10 हजार रुपये में क्रय किया। संपूर्ण राशि जमा करने के बाद भी तीन माह बीत जाने पर न तो नामांतरण किया गया और न ही कब्जा दिलाया गया। आवेदक ने शीघ्र कब्जा दिलाने की मांग की है।
वनग्राम तांतर निवासी रविन्द्र कुमार मरावी ने स्व. दानी आजा के नाम से प्रदत्त वनभूमि पट्टे में अपना नाम दर्ज कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य पक्ष द्वारा अनुचित तरीके से नाम दर्ज कराया गया है। मामले की जांच कर उचित कार्यवाही की मांग की गई है।
ग्राम करौंदी निवासी लक्ष्मण प्रसाद बनावल ने एनएच- 45 के निर्माण के दौरान अधिग्रहित मकान एवं संरचनाओं का मुआवजा अब तक न मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि जांच उपरांत भी प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
माँ गायत्री मछुआ सहकारी समिति बिछिया, जनपद पंचायत शहपुरा ने उमरिया जलाशय का दस वर्षीय मछली पालन पट्टा प्रदान करने की मांग की। समिति का पूर्व पट्टा 30 जून 2024 को समाप्त हो चुका है। आवेदन के बावजूद कृषि स्थायी समिति द्वारा अनुमोदन लंबित बताया गया है।
ग्राम भरवई, पंचायत देवरी के संबंध में इतवारी बैगा ने आवेदन देकर बताया कि जनमन योजना के तहत लगाए जा रहे सीमेंट पोल क्षतिग्रस्त हैं। उन्होंने गुणवत्ता पूर्ण पोल लगाने, कार्य की जांच कराने तथा वंचित परिवारों का पुनः सर्वे कराने की मांग की।
ग्राम बहारपुर निवासी आवेदक ने बताया कि वे पिछले 30 वर्षों से लगभग 3 एकड़ वनभूमि पर काबिज होकर कृषि कार्य कर रहे हैं। शासन की योजना अनुसार पात्र होने के बावजूद उन्हें अब तक वनाधिकार पट्टा प्रदान नहीं किया गया। उन्होंने शीघ्र पट्टा दिलाने की मांग की।
जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों पर कलेक्टर द्वारा संबंधित विभागों को जांच कर समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि प्रत्येक प्रकरण का विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।







