भाजीटोला पंचायत में विकास के नाम पर खेल
डिंडौरी। समनापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भाजीटोला में कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष शिकायत करते हुए सरपंच, सचिव को हटाने की मांग की है। ग्रामवासियों ने लिखित शिकायत के माध्यम से पंचायत की सरपंच अनुसुईया बाई परतेती एवं सचिव मंजु पर विकास कार्यों में अनियमितता, गुणवत्ताहीन निर्माण, फर्जी बिलिंग और मजदूरों के भुगतान में देरी के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर गांव में असंतोष व्याप्त है और प्रशासन से उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
इन निर्माण कार्यों में धांधली के आरोप
जन सुनवाई में की गई शिकायत के अनुसार शांति धाम तथा गोमती बछडार नदी घाट निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि बिना उचित खुदाई के निर्माण किया गया, पॉलिथीन शीट (पन्नी) नहीं बिछाई गई तथा बेस निर्माण मानक अनुरूप नहीं किया गया। इससे निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायत में कई सीसी रोड निर्माण कार्यों का उल्लेख किया गया है, जैसे
हरवंश के घर से हैंडपंप तक ₹2.74 लाख की लागत से बना लगभग 1 मीटर चौड़ा सीसी रोड मानकों के अनुरूप नहीं बनाया गया है,
राधेश्याम के घर से मोलेराम के घर तक ₹1.81 लाख की लागत से बने मार्ग को नक्शा-खसरा में दर्ज न होने का दावा किया गया है।
बलदहा के घर से हैंडपंप तक ₹4 लाख की लागत से बने मार्ग की लंबाई-चौड़ाई कम होने का आरोप है।
इसी तरह धरकुटी से तालाब तक ₹3.35 लाख की लागत से निर्मित सड़क को भी गुणवत्ताहीन बताया गया है, साथ ही मजदूरों को भुगतान न होने की बात कही गई है।
– नाली, स्टॉपडेम और पुलिया निर्माण पर भी आपत्ति
दुर्गा मंदिर से शिवचरण के घर तक ₹5 लाख की लागत से बनी नाली के निर्माण पर गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हैं।
कन्हैया के खेत के पास ₹7 लाख की लागत से बने स्टॉपडेम को अनुपयोगी बताया गया है, जहां पानी रुकने की व्यवस्था प्रभावी नहीं है। अवढेरा रोड पर बनी पुलिया के निर्माण को तीन वर्ष पूर्ण हो जाने के बावजूद मजदूरों का भुगतान लंबित होने और मस्टर रोल जारी न करने का आरोप लगाया गया है।
– मुरूम कार्य में फर्जीवाड़े का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क में मुरूम डालने के नाम पर राशि आहरित कर ली गई, जबकि स्थल पर मुरूम डाला ही नहीं गया। सरपंच, सचिव के द्वारा फर्जी बिल लगाकर राशि गबन करने का आरोप ग्रामीणों ने लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं ने सचिव की कार्यक्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता नहीं है। साथ ही सरपंच द्वारा विरोध करने पर कथित रूप से अभद्र व्यवहार और कानूनी कार्रवाई की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।
ग्रामवासियों ने समस्त निर्माण कार्यों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने, मजदूरों का लंबित भुगतान सुनिश्चित करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों को पद हटाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।







