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भूमि अधिग्रहण पर बवाल: डिंडौरी की 48 ग्राम सभाओं ने राज्यपाल से लगाई गुहार

akvlive.in

Published

– 48 ग्राम सभाओं ने राघोपुर बांध परियोजना के खिलाफ खोला मोर्चा

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के मुड़ियाकला क्षेत्र की 48 ग्राम सभाओं ने पारंपरिक ग्राम सभा (डूब प्रभावित क्षेत्र) के बैनर तले एक ज्ञापन सौंपकर राघोपुर बहुउद्देशीय परियोजना बांध के नाम पर की जा रही भूमि अर्जन प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। प्रभावितों ने ज्ञापन महामहिम राज्यपाल मध्यप्रदेश, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग एवं कलेक्टर डिंडौरी को संबोधित करते हुए सौंपा है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि संबंधित गांव पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में आते हैं, जहां भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13(3), 19(5), 244(1) तथा पेसा अधिनियम 1996 के प्रावधान लागू होते हैं। ग्राम सभाओं का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में पेसा एक्ट 1996 एवं भू-अर्जन अधिनियम 2013 के नियमों का पालन नहीं किया गया तथा बिना ग्राम सभा की अनुमति के पेड़ों की कटाई और अन्य प्रक्रियाएं की जा रही हैं।

पत्र में यह भी कहा गया है कि अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा को संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं और किसी भी विकास परियोजना से पहले ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। ग्राम प्रतिनिधियों ने धारा 4, 7 एवं अन्य संबंधित प्रावधानों का हवाला देते हुए प्रशासन पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है।

ग्राम सभाओं ने मांग की है कि वर्तमान में जारी अधिसूचनाओं और भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा संविधान और पेसा कानून के तहत ग्राम सभा के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।

ज्ञापन पर प्रभावित किसानों एवं ग्राम प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं। मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त हैं और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे आगे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने पर बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान अमर सिंह मार्को, शिवराज धुर्वे, छत्तर सिंह मरावी, हलदर, अतर सिंह सहित बड़ी संख्या में डूब प्रभावित क्षेत्र के लोग मौजूद रहे हैं।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..