— जवाब असंतोषजनक होने पर एकपक्षीय सख्त कार्रवाई होगी
डिंडौरी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत जॉबकार्डधारी मजदूरों की आधार आधारित e-KYC प्रक्रिया में डिण्डौरी जिले के अमरपुर और बजाग जनपद गंभीर रूप से पिछड़ते नजर आए हैं। जिला पंचायत के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद कई ग्राम पंचायतों में e-KYC 50 से 60 प्रतिशत के आसपास ही अटकी हुई है। एक बार फिर इसी लापरवाही को आधार बनाकर जिला पंचायत डिण्डौरी ने ग्राम रोजगार सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
— जारी पत्र के मुताबिक
जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी के द्वारा पत्र में उल्लेख किया गया है कि 13 फरवरी 2026 की स्थिति में राज्य स्तर पर e-KYC की औसत प्रगति 78.48 प्रतिशत और डिण्डौरी जिले की औसत 75.29 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि बजाग जनपद की पंचायतों में यह आंकड़ा इससे काफी नीचे पाया गया। बजाग जनपद की 9 ग्राम पंचायतों में कुल 9 हजार 320 जॉबकार्डधारी मजदूर पंजीकृत हैं, जिनमें से 9 हजार से अधिक के आधार सीडेड होने के बावजूद मात्र 5 हजार 348 मजदूरों की ही e-KYC पूरी हो सकी है। इसका सीधा अर्थ यह है कि लगभग 3 हजार 572 मजदूरों की e-KYC अब भी लंबित है और औसत प्रगति 59.78 से 73.61 प्रतिशत के बीच ही सीमित रही।
वहीं अमरपुर जनपद की स्थिति और भी चिंताजनक बताई गई है। यहां की कई पंचायतों में e-KYC का प्रतिशत 42 प्रतिशत से शुरू होकर 73 प्रतिशत तक ही पहुंच पाया है। आंकड़ों के अनुसार अमरपुर की भानपुर रैयत पंचायत में 654 मजदूरों में से केवल 279 की e-KYC पूरी हो सकी, जो मात्र 42.66 प्रतिशत है। इसी तरह बटिया रैयत में 47.33 प्रतिशत और नंदा माल पंचायत में 49.02 प्रतिशत e-KYC दर्ज की गई। अमरपुर जनपद की 25 ग्राम पंचायतों में हजारों मजदूरों की e-KYC अब भी लंबित है, जिससे जिले की समग्र प्रगति प्रभावित हो रही है।
जिला पंचायत डिण्डौरी का कहना है कि जनपद स्तर पर कैंप आयोजित कर 31 दिसंबर 2025 तक शत-प्रतिशत e-KYC कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद तय समय-सीमा में लक्ष्य पूरा नहीं किया गया। आदेश में इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और संविदा सेवा शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिण्डौरी ने संबंधित ग्राम रोजगार सहायकों को तीन दिवस के भीतर प्रगति प्रतिवेदन के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में एकपक्षीय कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला पंचायत की इस कार्रवाई के बाद मनरेगा अमले में हलचल तेज हो गई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में e-KYC कार्य में तेजी लाने के लिए और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।







