डिंडौरी न्यूज । जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी अंजू पवन भदौरिया ने कड़ी कार्रवाई करते हुए शानू उर्फ अनुज चौहान (उम्र 26 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 07 आंबेडकर वार्ड नर्मदागंज, थाना कोतवाली डिंडौरी को एक वर्ष की अवधि के लिए जिला बदर करने का आदेश पारित किया है ।
यह आदेश मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा एवं लोक व्यवस्था अधिनियम 1990 की धारा 5 (क), (ख) के तहत पारित किया गया है। जिला दंडाधिकारी न्यायालय द्वारा पारित आदेश (प्रकरण क्रमांक 03/2024) के अनुसार संबंधित व्यक्ति को आदेश की प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर डिंडौरी जिले सहित समीपवर्ती राजस्व जिलों — मंडला, जबलपुर, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल तथा छत्तीसगढ़ के जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) — की सीमाओं से बाहर जाने के आदेश दिए गए हैं। आदेश अवधि के दौरान बिना सक्षम अनुमति इन जिलों की सीमा में प्रवेश वर्जित रहेगा।
– 2016 से लगातार आपराधिक गतिविधियों के आरोप
पुलिस अधीक्षक डिंडौरी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर न्यायालय ने पाया कि संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वर्ष 2016 से विभिन्न धाराओं में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपों में मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, लूट व अपहरण जैसे गंभीर अपराध शामिल रहे हैं। कई मामलों में न्यायालयीन प्रक्रिया जारी है, जबकि कुछ मामलों में राजीनामा अथवा दोषमुक्ति भी हुई है।
इसके अतिरिक्त, धारा 107, 110, 151 आदि के तहत कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई (बाउंड ओवर) भी की गई, परंतु प्रशासन के अनुसार उसके व्यवहार में सुधार परिलक्षित नहीं हुआ।
– आमजन में भय का माहौल
आदेश में उल्लेख है कि संबंधित व्यक्ति की गतिविधियों के कारण जिले में भय और अशांति का वातावरण निर्मित हो रहा था। कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्राप्त करने के बाद, दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया गया। अनावेदक ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए आजीविका का हवाला दिया, किंतु न्यायालय ने उपलब्ध प्रतिवेदन और प्रकरणों के आधार पर जिला बदर की कार्रवाई को आवश्यक माना।
– आदेश उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध अधिनियम की धारा 14 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जिन न्यायालयीन प्रकरणों में पेशी निर्धारित है, उन तिथियों पर संबंधित व्यक्ति को पहले थाना कोतवाली डिंडौरी में लिखित उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










