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45 दिन में 132 प्लॉट में से महज 18 का पंजीयन, स्वामित्व योजना में लापरवाही पर पटवारी को नोटिस जारी

एडीटर: Chetram Rajpoot November 5, 2026

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– कलेक्टर ने धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, दो दिन में मांगा जवाब

– संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और सेवा समाप्ति के प्रस्ताव की चेतावनी

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डिंडौरी न्यूज । शासन की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने पर राजस्व विभाग ने एक पटवारी के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है। लगभग 45 दिन बीतने के बावजूद 132 प्लॉट में से महज 18 प्लॉट का पंजीयन होने पर पटवारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पटवारी से जवाब तलब करने के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला तहसील शहपुरा के राजस्व निरीक्षक मंडल अमेरा अंतर्गत हल्का नंबर 66 का है। यहां पदस्थ पटवारी श्री आशुतोष एक्का के क्षेत्र में स्वामित्व योजना के तहत प्लॉटों के पंजीयन का कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो रहा था। लगभग डेढ़ माह का समय बीत जाने के बाद भी पंजीयन की स्थिति बेहद निराशाजनक पाए जाने पर राजस्व विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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– तीन गांवों में 132 प्लॉट, पंजीयन केवल 18 का

स्वामित्व योजना के तहत संबंधित पटवारी के हल्के में आने वाले तीन गांवों में पंजीयन की स्थिति पर नजर डालें तो कार्य की धीमी रफ्तार स्पष्ट दिखाई देती है। ग्राम खाल्हे महेशपुरी में कुल 21 प्लॉटों के विरुद्ध केवल 4 प्लॉट का पंजीयन हुआ है। इसी तरह ग्राम खम्हरिया रैयत में 47 प्लॉटों में से महज 5 तथा ग्राम पटपरा मा. में 64 प्लॉटों में से केवल 9 प्लॉट का पंजीयन किया जा सका है।

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इस प्रकार तीनों गांवों में कुल 132 प्लॉटों में से मात्र 18 का पंजीयन हुआ है, जबकि 114 प्लॉटों का पंजीयन शेष है। करीब 45 दिनों की अवधि में इतनी कम प्रगति को लेकर प्रशासन ने असंतोष जाहिर किया है।

– पहले भी दिए गए थे निर्देश, फिर भी नहीं सुधरी कार्यप्रणाली

जानकारी के अनुसार, स्वामित्व योजना शासन की महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजना है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्य को समय-सीमा में पूरा करने के लिए संबंधित पटवारी को पूर्व में समिति की बैठकों सहित विभिन्न माध्यमों से कई बार निर्देशित किया गया था। इसके साथ ही कार्य में तेजी लाने और लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद पंजीयन कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर कलेक्टर ने भ्रमण के दौरान नाराजगी व्यक्त की।

– दो दिन में जवाब नहीं तो कार्रवाई की तैयारी

राजस्व विभाग द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र में संबंधित पटवारी श्री आशुतोष एक्का को दो दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, संबंधित के विरुद्ध सेवा समाप्ति के प्रस्ताव की प्रक्रिया भी वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी।

स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्तियों के अधिकार संबंधी दस्तावेज तैयार करने और पंजीयन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले मैदानी अमले के प्रति प्रशासन का सख्त रुख यह संकेत देता है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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