– जरगुड़ा में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, शासकीय योजनाओं की दी जानकारी
– राघोपुर रैयत में शिविर का निरीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को सुगमता से लाभ दिलाने के निर्देश
डिंडौरी न्यूज । जिले में स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मेहंदवानी विकासखंड के ग्राम जरगुड़ा में आयोजित स्वामित्व योजना शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ उपस्थित ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उन्हें स्वामित्व योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी।
शिविर में कलेक्टर ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को रजिस्ट्री पत्र वितरित किए। उन्होंने ग्रामीणों को योजना के महत्व और इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए मैदानी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहियों की समस्याओं का समय पर निराकरण जरूरी है।
– राघोपुर रैयत में लापरवाही पर पटवारी को फटकार
कलेक्टर ने ग्राम राघोपुर रैयत में आयोजित शिविर का भी निरीक्षण किया। यहां व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली का जायजा लेते हुए लापरवाही सामने आने पर संबंधित पटवारी को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं और स्वामित्व योजना का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मैदानी अमला अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करे और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से सुगमता से लाभान्वित करना सुनिश्चित करे।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके गांव में ही शासकीय सेवाएं और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। ऐसे में संबंधित अधिकारी-कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे।
स्वामित्व योजना शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति से संबंधित अधिकारों के दस्तावेज उपलब्ध कराने के साथ शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर के निरीक्षण से मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर प्रशासन का जोर दिखाई दिया।



