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बलराम कृषि महोत्सव में सीएम का डिंडौरी को विकास का भरोसा, आयुर्वेदिक कॉलेज सहित मिलीं कई सौगातें

एडीटर: Chetram Rajpoot October 30, 2026

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– वर्चुअल संवाद में कृषि, दुग्ध उत्पादन और जनजातीय किसानों की प्रगति की ली जानकारी, कोदो-कुटकी पंजीयन में डिंडौरी प्रदेश के नौ जिलों में अव्वल

– शहपुरा में 30 गौपालकों की समिति प्रतिदिन कर रही 810 लीटर दूध का संग्रहण

डिंडौरी न्यूज। बलराम कृषि महोत्सव 2026 के माध्यम से शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल संवाद कर डिंडौरी जिले में कृषि, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण विकास की गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने डिंडौरी को अपना प्रिय जिला बताते हुए कहा कि जिले ने अपनी अलग पहचान बनाई है। जनजातीय अंचल में कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ विकास के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने जिले को आयुर्वेदिक कॉलेज सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से डिंडौरी के विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। कोदो-कुटकी के साथ धान उपार्जन का निर्णय स्थानीय एवं जनजातीय किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। भावांतर योजना और प्रोत्साहन राशि के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

– कोदो-कुटकी पंजीयन में डिंडौरी का उल्लेखनीय प्रदर्शन

वर्चुअल संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया से जिले में कृषि एवं गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि जिले में कुल सात विकासखंड हैं और सभी विकासखंडों में गौपालन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए दो वृंदावन ग्रामों का चयन किया गया है। ग्राम घुसिया में 29 अक्टूबर को गौपालक प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें विधायक द्वारा गौपालकों को प्रोत्साहित किया गया। इन गांवों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के समन्वय से आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

कलेक्टर ने बताया कि कोदो-कुटकी के पंजीयन में भी डिंडौरी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश के नौ चिन्हित जिलों में शामिल डिंडौरी में कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों का सर्वाधिक पंजीयन दर्ज किया गया है। इससे जिले के जनजातीय एवं स्थानीय किसानों को अपनी पारंपरिक फसलों के विपणन और उचित मूल्य प्राप्त करने के बेहतर अवसर मिलेंगे। कोदो-कुटकी के साथ धान उपार्जन और भावांतर योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने तथा पारंपरिक कृषि को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

– शहपुरा में 30 गौपालकों की समिति, रोजाना 810 लीटर दूध संग्रहण

जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शहपुरा विकासखंड में 30 गौपालकों की पंजीकृत समिति गठित की गई है। इस समिति के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 810 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त डिंडौरी में भी एक समिति पंजीकृत की गई है। दोनों समितियों के माध्यम से दुग्ध संग्रहण की व्यवस्था को मजबूत करने और मिल्क रूट विकसित करने की पहल की जा रही है। गौपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जा रहा है, ताकि पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन को ग्रामीण आजीविका के बेहतर माध्यम के रूप में विकसित किया जा सके।

– किसान कल्याण वर्ष में बलराम कृषि महोत्सव की 49वीं कड़ी

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक श्री महेन्द्र सिंह यादव अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत भगवान बलराम के नाम पर बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह इस श्रृंखला का 49वां कार्यक्रम है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में इस प्रकार के आयोजन किए जा रहे हैं। इन आयोजनों के माध्यम से अब तक लगभग ढाई लाख किसानों से संवाद किया जा चुका है। मुख्यमंत्री भी वर्चुअल माध्यम से किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और कृषि संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शासन की योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के साथ कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े विषयों पर सीधा संवाद स्थापित करना है। सहकारिता के माध्यम से किसानों को मिलने वाली सुविधाओं और योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि की 2,000 रुपये की किस्त अंतरित किए जाने की जानकारी भी दी।

श्री यादव ने कहा कि जिस तरह महिला दिवस, शिक्षक दिवस, मजदूर दिवस और इंजीनियर्स डे मनाए जाते हैं, उसी तरह धरती पुत्र किसान के लिए भी विशेष आयोजन की परिकल्पना की गई है। किसानों के आराध्य भगवान बलराम के एक हाथ में हल और दूसरे हाथ में मूसल है। उनकी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसान कल्याण वर्ष मनाने की पहल की गई है। इसके अंतर्गत किसानों के हित में विभिन्न नवाचार और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

– स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिल रहे संपत्ति के दस्तावेज

श्री यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ गांव और ग्रामीण किसानों तक पहुंचे। गांवों में बस सेवा प्रारंभ करने जैसी पहल से ग्रामीणों को सुविधाएं मिली हैं। वहीं स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में निवासरत लोगों को उनके मकानों के भू-अधिकार संबंधी दस्तावेज और रजिस्ट्री उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि पहले आबादी भूमि पर बने मकानों के मालिकों के पास स्वामित्व का वैध दस्तावेज नहीं होता था। ऐसे में संपत्ति होने के बावजूद उन्हें उसका पूरा आर्थिक लाभ नहीं मिल पाता था। स्वामित्व योजना के माध्यम से अब ग्रामीण परिवारों को उनके मकानों के कानूनी अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये दस्तावेज भविष्य में बैंक से ऋण लेने, संपत्ति को गारंटी के रूप में प्रस्तुत करने तथा अन्य आवश्यक कार्यों में उपयोगी साबित होंगे।

– धन-धान्य योजना में डिंडौरी को प्रथम स्थान मिलने का उल्लेख

विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा कि धन-धान्य योजना के तहत डिंडौरी जिले ने प्रथम स्थान हासिल किया है। जिले में कोदो-कुटकी की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है, जिससे किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत मिल रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को सम्मान निधि, लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता और पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है। सरकार जन्म से लेकर जीवन के प्रत्येक पड़ाव तक आमजन के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।

– पात्र हितग्राहियों को वितरित किए हितलाभ

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर किसानों एवं अन्य हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से कृषि विकास, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने भी सहभागिता की और उपस्थित जनसमुदाय के साथ मुख्यमंत्री के वर्चुअल संवाद में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों एवं जनप्रतिनिधियों से संवाद कर कृषि, किसान कल्याण और प्रदेश में संचालित विकास गतिविधियों की जानकारी साझा की।

 

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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