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कोदो-कुटकी पोषण आहार योजना में 79.95 लाख का भुगतान संदेह के घेरे में, दो जिम्मेदारों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की मांग

एडीटर: Chetram Rajpoot November 5, 2026

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– डिंडौरी में कोदो-कुटकी आधारित पोषण आहार योजना का मामला; महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक ने सात दिन में जांच प्रतिवेदन मांगा

डिंडौरी न्यूज । जिले में संचालित कोदो-कुटकी आधारित पोषण आहार (नाश्ता प्रदाय) योजना के अंतर्गत एक महिला स्व-सहायता समूह को किए गए भुगतान में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के दो अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध न्यायालय में अभियोजन की स्वीकृति दिए जाने की मांग की गई है। मामले से संबंधित पत्राचार के बाद महिला एवं बाल विकास संचालनालय, मध्यप्रदेश ने प्रकरण में उल्लेखित सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच कर सात दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, डिंडौरी जिले के वार्ड क्रमांक-02, सूबखार निवासी दिगंबर खांडिलकर ने 17 सितंबर 2026 को महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त को आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में जिला महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ सहायक संचालक एवं प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी श्याम लाल सिंगौर तथा लिपिक सहायक ग्रेड-03 एवं प्रभारी पोषण आहार शाखा दिगंबर श्याम के विरुद्ध न्यायालय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला डिंडौरी में परिवाद प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख किया गया है।

– ₹79.95 लाख के भुगतान में अनियमितता का आरोप

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आवेदन में आरोप लगाया गया है कि डिंडौरी जिले में संचालित कोदो-कुटकी आधारित पोषण आहार योजना के अंतर्गत तेजस्विनी महिला संघ, डिंडौरी को कुल 79 लाख 95 हजार 727 रुपये का भुगतान किए जाने में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस प्रकरण में पद का दुरुपयोग, अभिलेखों में हेरफेर तथा शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने से संबंधित कृत्य किए गए हैं।

आवेदन में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। हालांकि, दस्तावेजों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी शेष है। इसलिए मामले में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निर्धारित होगी।

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– BNSS की धारा 218 के तहत मांगी गई अभियोजन स्वीकृति

शिकायतकर्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 218 के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी से अभियोजन स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया है। आवेदन में कहा गया है कि उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों का परीक्षण कर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध न्यायालय में प्रकरण चलाने की अनुमति दी जाए, जिससे कथित वित्तीय अनियमितताओं की न्यायिक जांच हो सके।

इस संबंध में महिला एवं बाल विकास संचालनालय, मध्यप्रदेश के संयुक्त संचालक द्वारा जारी पत्र में न्यायालय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला डिंडौरी में अभियोजन के लिए स्वीकृति प्रदान किए जाने के विषय का उल्लेख किया गया है। पत्र में संदर्भित आवेदन के सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच कर सात दिवस के भीतर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया है।

– संयुक्त संचालक ने मांगी सात दिन में जांच रिपोर्ट

संचालनालय के पत्र क्रमांक 5305 में संभागीय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास, जबलपुर संभाग को संबोधित करते हुए संबंधित मामले की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर, जिला डिंडौरी को भी सूचनार्थ भेजी गई है।

इसके बाद जारी पत्र क्रमांक 5306 में शिकायतकर्ता के आवेदन को संलग्न करते हुए प्रकरण में उठाए गए सभी बिंदुओं का परीक्षण कर विस्तृत जांच प्रतिवेदन सात दिवस में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। पत्र पर 2 नवंबर 2026 की डिजिटल हस्ताक्षर तिथि अंकित है।

अब इस मामले में जांच के दौरान संबंधित भुगतान के अभिलेखों, योजना के क्रियान्वयन से जुड़े दस्तावेजों और अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा। जांच प्रतिवेदन के आधार पर अभियोजन स्वीकृति के संबंध में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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