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टीएस की चिंता न मूल्यांकन का झंझट: आकस्मिक व्यय के नाम पर ग्राम पंचायत ने उड़ाए 13 लाख रुपए…!

एडीटर: Chetram Rajpoot October 19, 2026

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– बजाग जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बछरगांव में बड़ा घोटाला उजागर

– सरपंच,सचिव और उप सरपंच खुलकर कर रहे बंदरबाट

डिंडौरी न्यूज। जिले का सबसे पिछड़े जनपद पंचायत के तौर पर चिन्हित बजाग जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत इन दिनों भ्रष्टाचार का अड्डा बने हुए हैं, यहां विकास का मतलब कागजों बिल बाउचर तैयार करने तक सिमट कर रह गया है। नियम कायदे और शासन के दिशा को ठेंगा दिखा धड़ल्ले से लाखों रुपए के बारे न्यारे किया जा रहा है।

बजाग जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बछरगांव में पांचवें वित्त की राशि में सेंधमारी का ताजा मामला सामने आया है, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और उप सरपंच ने मिलकर शासन को लाखों रुपए का चपत लगाया है। ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ने पंचायत के सरकारी खजाने को उप सरपंच शहीद अंसारी के नाम कर दिया है, तमाम निर्माण कार्यों की राशि उप सरपंच के नाम पर धड़ल्ले से भुगतान किया जा रहा है, ग्राम पंचायत द्वारा शासन के पोर्टल में दर्ज दस्तावेजों को देखकर आंकलन किया जा सकता है किस तरह सरपंच, सचिव और उप सरपंच की तिकड़ी पंचायत को खोखला करने में जुटी हुई है, वही स्थानीय अधिकारी जिन पर पंचायतों की सतत निगरानी की जिम्मेदारी वह तमाशबीन बनकर बंदरबाट का तमाशा देख रहे हैं।

 

– बगैर स्वीकृति लाखों रुपए का भुगतान

राशि आवंटन के साथ ही पंचायत राज मंत्रालय द्वारा राशि उपयोग को लेकर कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए दिशा निर्देश जारी किए जाते हैं, वही गैर अनुमत कार्यों में किसी भी तरह से व्यय नहीं किए जाने के स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं, इसके बावजूद पंचायती कारिंदे शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ग्राम पंचायत बछरगांव के सरपंच और सचिव द्वारा बगैर तकनीकी स्वीकृति के लाखों रुपए उप सरपंच को धड़ल्ले से भुगतान किया गया है। 11 फरवरी 2020 को 440347 रु, 23 फरवरी को 98470 रु, 27फरवरी को 341877 रु, कुल 8 लाख रुपए से अधिक राशि बगैर तकनीकी स्वीकृति महज जेसीबी, मुरूम, पानी सिंचाई, कथित विकास कार्यों,ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए बेनामी कार्य जिनका उल्लेख भुगतान पत्रक में स्पष्ट नहीं है कि आखिर कौन सा विकास किस स्थल पर कराया गया है।

– अन्य व्यय के नाम पर मनमानी भुगतान

ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव द्वारा अन्य व्यय के नाम पर लगभग 13लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता महज जनवरी से लेकर अक्टूबर 2026 तक में की गई है। उक्त कार्यों का न तो तकनीकी स्वीकृति प्राप्त की गई और न ही पंचायत दर्पण पोर्टल वर्क आईडी बनाई गई है, अंधाधुंध आकस्मिक बिलो में धड़ाधड़ लाखों रुपए का भुगतान कर गड़बड़ घोटाला किया गया है। जब 8 माह में ही लाखों रुपए की वित्तीय अनियमितता किया जा सकता तो विगत 4 वर्षों में कितनी राशि की गड़बड़ी की गई होगी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच में साफ हो जाएगा।

इनका कहना है,,, 

यदि बगैर तकनीकी स्वीकृति आकस्मिक कार्यों में राशि व्यय की गई तो जाँच कराई जाएगी, तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की होगी।

– सचिन अग्रवाल, सीईओ जनपद पंचायत बजाग

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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