– कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेश कराने का आरोप, 1.75 करोड़ की धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें; 66.50 लाख का मशरूका जब्त
मंडला न्यूज । जिले के बहुचर्चित ‘डबल मनी’ प्रकरण में मंडला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों द्वारा शहर के लोगों को उनकी जमा पूंजी निवेश कराने के बाद कम समय में रकम दोगुनी कर वापस करने का लालच देकर निवेश कराया जा रहा था। मामले की जांच के दौरान अब तक करीब 1.75 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें पुलिस को प्राप्त हुई हैं। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 32 लाख रुपये नकद सहित कुल 66.50 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया गया है।
पुलिस अधीक्षक मंडला राजेश रघुवंशी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा के नेतृत्व में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई।
– नागपुर से मुंबई तक जुटाई जानकारी, फिर दी दबिश
पुलिस के मुताबिक प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश और पतासाजी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने आरोपियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने के लिए नागपुर, गोंदिया, मुंबई और बालाघाट सहित विभिन्न स्थानों पर जाकर जांच की। प्राप्त जानकारी के आधार पर संभावित ठिकानों पर दबिश देकर गोंदिया, बालाघाट और मंडला से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

– 1.75 करोड़ की धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें
जांच के दौरान पुलिस को अब तक करीब 1.75 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि निवेशकों से कुल कितनी राशि प्राप्त की गई, राशि का किन-किन माध्यमों से लेन-देन हुआ और उससे कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गईं।
– नकदी, कार और स्कूटी सहित 66.50 लाख का मशरूका जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से निम्न मशरूका जब्त किया है—32 लाख रुपये नकद, तीन स्कूटी, अनुमानित कीमत 3.50 लाख रुपये, मारुति ब्रेजा कार, अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये, हुंडई अल्काजार कार, अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये, एक मोबाइल फोन, अनुमानित कीमत 50 हजार रुपये, पुलिस के अनुसार जब्त मशरूका की कुल अनुमानित कीमत 66.50 लाख रुपये है।
– 11 लाख रुपये देकर छुड़ाई गई थी गिरवी कार
जांच में पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि हुंडई अल्काजार कार पहले गिरवी रखी हुई थी। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कथित रूप से धोखाधड़ी से प्राप्त राशि में से 11 लाख रुपये नकद देकर कार को गिरवी से छुड़ाया था। पुलिस का कहना है कि कथित धोखाधड़ी से प्राप्त राशि का इस्तेमाल कार, स्कूटी और मोबाइल फोन सहित अन्य वस्तुओं की खरीद में किया गया।
– मुख्य आरोपी के खिलाफ नागपुर में भी मामला दर्ज
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी राजिक कुरैशी के विरुद्ध महाराष्ट्र के नागपुर जिले के नंदनवन थाने में भी धोखाधड़ी का अपराध दर्ज है। उक्त मामले में उसके जमानत पर होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
– निवेशकों और लेन-देन की पड़ताल जारी
मंडला पुलिस द्वारा मामले की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर निवेशकों की पहचान, उनसे प्राप्त राशि, आपसी वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और कथित तौर पर निवेश के नाम पर एकत्र की गई राशि के उपयोग से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस जांच के आगे बढ़ने के साथ मामले में धोखाधड़ी की कुल राशि और अन्य संभावित पीड़ितों से जुड़े तथ्य सामने आने की संभावना है।
– कार्रवाई में इनकी रही भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शफीक खान, निरीक्षक संजीव उइके, ओ.पी. रावत, आनंद बागवान, सहायक उपनिरीक्षक भूमेश्वर बामनकर, माया राम धुर्वे, प्रधान आरक्षक रविंद्र परते, प्रीतम उइके तथा आरक्षक मृदुल, रमेश, प्रियांश, यमुना प्रसाद, जगदीश आदर्श और सुरेश भटेरे की भूमिका रही।
– पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
मंडला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि कम समय में रकम दोगुनी करने या असामान्य रूप से अधिक लाभ देने के प्रलोभन में अपनी जमा पूंजी निवेश न करें। किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधानिकता और विश्वसनीयता की जांच करें। पुलिस ने संदिग्ध निवेश योजना या धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अपील की है।
