डिंडौरी न्यूज। मध्यप्रदेश के सागर जिले में मिलावटी और जहरीली शराब की सेवन से लगभग 3 दर्जन से अधिक लोगों की मौत का मामला ठंडा भी नहीं है, जहरीले शराब से दर्जनों मौत होने के बाद मध्यप्रदेश शासन एक तरफ बैकफुट पर है, सीएम मोहन यादव कानून व्यवस्था को लेकर लंबी लंबी कसीदे पढ़ रहे हैं वहीं दूसरी और नौकरशाह सीएम की फरमानों और निर्देशों को ठेंगा दिखा अवैध धंधों को खाद पानी देकर पोषित करने में लगे हुए हैं। माफियाओं, तस्करों के आगे जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा घुटने टेके जाने के बाद अब भाजपा सरकार की छवि धूमिल हो रही हैं। जिले में शराब तस्करी के खेल को लेकर चर्चा है कि शासन प्रशासन के बगैर संरक्षण के तस्करी का खेल संभव नहीं है… वह भी बेखौफ और धड़ल्ले से..?

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान जिन स्थानों से मां नर्मदा प्रवाहित हो रही हैं उन स्थानों को धार्मिक नगरी घोषित करते हुए डिंडौरी जिला मुख्यालय सहित 19 नगरों में शराब विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन आस्था और श्रद्धा पर शराब तस्करों की राजनीतिक रसूख और जिम्मेदार अधिकारियों से गठजोड़ भारी पड़ रही है जिससे शराबबंदी की घोषणा सिर्फ भाषणों और कागजों में सिमट कर रह गई हैं। सूबे के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव भी 19 धार्मिक नगरों में शराबबंदी होने का दावा करते हुए बड़े बड़े बैनर पोस्टर से दावों का प्रचार कर रहे हैं लेकिन क्या उन्हें भी धार्मिक नगरों में हो रहे अवैध धंधों की जानकारी नहीं है..?

डिंडौरी जिला मुख्यालय सहित मां नर्मदा तटीय क्षेत्र की 5 किलोमीटर के दायरे में शराब कारोबार पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है जो सिर्फ भाषणों और कागजों में सिमट कर रह गया है। अंग्रेजी शराब दुकान समनापुर, गाड़ासरई के अधिकृत ठेकेदार द्वारा दर्जनों वाहनों से प्रतिबंधित क्षेत्रों में धड़ल्ले से बेखौफ होकर शराब की खेप पहुंचाई जा रही हैं।
चौक चौराहों सहित गली गली में अवैध शराब विक्रय होने से युवा पीढ़ी नशे की जद में आकर तबाह हो रहा है वहीं दूसरी और मारपीट और हत्या जैसे गंभीर अपराध बढ़ रहे हैं।
एक तरफ शासन और तमाम जिम्मेदार अधिकारी नशामुक्ति जागरूकता अभियान के तहत नशा की अर्थी निकाल कर, रैली, संवाद , नुक्कड़ नाटक के जरिए जागरूक करने में व्यस्त हैं वहीं ठेकेदार अपने गुर्गो के माध्यम से गांव गाँव घर घर तक अवैध शराब पहुंचा कर शासन की मंशा और अधिकारियों के कथित प्रयासों पर कालिख पोत रहा है।
कौन है ये झारखंड का बंदा.. किसके संरक्षण में कर रहा काला धंधा…?

कल देर रात समनापुर शराब दुकान से डिंडौरी की तरफ शराब ले जा रहे तस्कर को छांटा गांव के पास ग्रामीणों ने रोककर शराब तस्करी का वीडियो बनाया जिसमें शराब परिवहन कर रहे व्यक्ति खुद को सुरेंद्र यादव पता झारखंड का बता रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि झारखंड का बंदा डिंडौरी में किसके संरक्षण में दिन रात शराब परिवहन कर रहा है.. इसे न तो आबकारी विभाग का डर है और न ही पुलिस प्रशासन का… यदि डिंडौरी पुलिस ईमानदारी से इन तस्करों के रहनुमाओं के बारे में सूचना एकत्र कर शराब तस्करों के जड़ पर वार करे तो शायद अवैध शराब का धंधा कुछ दिनों के लिए मंदा हो जाए।

