– अमरपुर ब्लॉक में वैध शराब दुकानें नहीं होने के बावजूद गांव-गांव अवैध बिक्री की शिकायतें, देवरी के ग्रामीणों ने डायल-112 को दी सूचना; 50.580 लीटर शराब और बिना नंबर की बाइक जब्त
अमरपुर/डिंडौरी। अमरपुर ब्लॉक में कथित अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अब ग्रामीण खुद आगे आ रहे हैं। क्षेत्र में अंग्रेजी और देशी शराब की अधिकृत दुकानें नहीं होने के बावजूद गांवों में शराब आसानी से उपलब्ध होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने अवैध शराब के परिवहन पर नजर रखनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में ग्राम देवरी के ग्रामीणों ने शराब लेकर आ रहे दो बाइक सवारों को रोककर डायल-112 को सूचना दी और उन्हें शराब सहित पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
ग्रामीणों की सूचना पर अमरपुर चौकी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शराब की विभिन्न किस्मों के कुल 50.580 लीटर मदिरा तथा बिना नंबर प्लेट की एक बाइक जब्त की। पुलिस के अनुसार, जब्त शराब और बाइक की कुल कीमत 85,948 रुपये आंकी गई है। मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
– ग्रामीणों ने रोका शराब का परिवहन, डायल-112 को दी सूचना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम देवरी के ग्रामीणों को सुबह के समय शराब की खेप अमरपुर पहुंचाए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने निगरानी करते हुए शराब लेकर आ रहे बाइक सवारों को रोक लिया और पुलिस सेवा डायल-112 को सूचना दी।
पुलिस के मुताबिक, शराब परिवहन के आरोप में अंशुल चक्रवर्ती, पिता मुकेश, उम्र 21 वर्ष, निवासी मझगंबा तथा निर्मल चंद कहार, पिता अमृतलाल, उम्र 45 वर्ष को शराब सहित पुलिस के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शराब और बिना नंबर प्लेट की बाइक जब्त की तथा आगे की कार्रवाई शुरू की।

– 50.580 लीटर शराब जब्त, 11 क्वार्टर सड़क पर टूटे
पुलिस द्वारा की गई जब्ती के अनुसार, मौके से मेक डबल नंबर-1 रम के 36 क्वार्टर, रॉयल सिलेक्ट के 89 क्वार्टर, रॉयल स्टैग के 6 क्वार्टर और मदिरा प्लेन के 150 क्वार्टर जब्त किए गए। इनकी कुल मात्रा 50.580 लीटर बताई गई है। इसके साथ ही बिना नंबर प्लेट की एक बाइक भी जब्त की गई, जिसकी कीमत सहित कुल जब्ती का मूल्य 85,948 रुपये आंका गया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, शराब जब्ती से पहले परिवहन कर रहे व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर मात्रा कम दिखाने के उद्देश्य से सड़क पर शराब की एक पेटी पटककर तोड़ दी गई। इसमें 11 क्वार्टर टूट गए और शराब सड़क पर बह गई। बताया गया कि टूटे हुए क्वार्टरों से पहले शराब की कुल मात्रा 52.650 लीटर थी, जो बाद में 50.580 लीटर दर्ज की गई।
अमरपुर चौकी प्रभारी संतोष यादव के नेतृत्व में खेमराज गाय ग्वाल, हरे सिंह सैयाम (प्रधान आरक्षक), देवेंद्र सैयाम और अजीत धुर्वे (आरक्षक) द्वारा कार्रवाई की गई। पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की है।
– शिकायतें जनसुनवाई तक पहुंचीं, फिर भी कारोबार पर अंकुश नहीं लगने के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि अमरपुर ब्लॉक में अधिकृत देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानें नहीं होने के बावजूद क्षेत्र के गांवों में शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है। इससे ग्रामीण परिवारों और सामाजिक वातावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई जा रही है। अवैध शराब की बिक्री को लेकर शिकायतें जिला कलेक्टर की जनसुनवाई तक पहुंचने के बावजूद प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
घटना के दौरान आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और बिना कार्रवाई किए लौट जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अवैध शराब के परिवहन और बिक्री पर नियंत्रण की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की है, ऐसे में विभाग की सक्रियता और कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
– कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद कार्रवाई पर सवाल
बताया गया है कि जिला कलेक्टर ने घटना से एक दिन पहले अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध शराब की उपलब्धता को लेकर शिकायतें सामने आना प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों की सक्रियता से शराब की खेप पकड़े जाने की यह घटना बताती है कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी है। अब देखना होगा कि पुलिस और आबकारी विभाग इस मामले के आगे की जांच के साथ-साथ अवैध शराब के स्रोत, परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
– एसपी को पहले ही दे चुका हूं आवेदन: महेंद्र सिंह ठाकुर
अमरपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्होंने अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने की मांग को लेकर 9 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक, डिंडौरी को स्वयं आवेदन दिया था। उनके अनुसार, इस मामले में कार्रवाई अपेक्षित है।
क्षेत्र में अवैध शराब की उपलब्धता को लेकर ग्रामीणों की शिकायतों और हालिया कार्रवाई के बाद अब पुलिस एवं आबकारी विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से इस कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।



