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ग्राम रोजगार सहायकों के अनुबंध को लेकर बड़ा बदलाव, अब सचिव की गैरमौजूदगी में जनपद स्तर पर होगा अनुबंध

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot September 2, 2026

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– मप्र राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद ने ग्राम रोजगार सहायक मार्गदर्शिका-2025 में किया संशोधन, सचिव के रिक्त पद की स्थिति में बढ़ी जनपद पंचायत की भूमिका

भोपाल/डिंडौरी। मध्यप्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों के संविदा अनुबंध एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद ने 1 सितंबर 2026 को जारी आदेश के माध्यम से ग्राम रोजगार सहायक मार्गदर्शिका-2025 की उपकंडिका 3.2 में संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू की है।

परिषद की कार्यकारिणी समिति की 22 अप्रैल 2025 को हुई छठवीं बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में 24 जून 2025 को ग्राम रोजगार सहायक मार्गदर्शिका-2025 जारी की गई थी। अब सामने आ रही व्यवहारिक कठिनाइयों को देखते हुए मार्गदर्शिका की उपकंडिका 3.2 में तत्काल प्रभाव से अतिरिक्त प्रावधान जोड़ा गया है।

– सचिव और रोजगार सहायक के बीच होता था अनुबंध

मार्गदर्शिका की सामान्य व्यवस्था के अनुसार ग्राम रोजगार सहायक का अनुबंध ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत एवं ग्राम रोजगार सहायक के मध्य 500 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पर तीन मूल प्रतियों में निष्पादित किया जाना निर्धारित है।

लेकिन कई ग्राम पंचायतों में सचिव का पद रिक्त होने अथवा सचिव के पदस्थ नहीं होने के कारण ग्राम रोजगार सहायक के संविदा अनुबंध और नवीनीकरण की प्रक्रिया में व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही थीं। वहीं कुछ मामलों में ग्राम रोजगार सहायक को ही ग्राम पंचायत सचिव का प्रभार दिए जाने की स्थिति भी बन रही थी।

ऐसी स्थिति में यदि ग्राम रोजगार सहायक स्वयं सचिव के प्रभार में रहते हुए अपने ही साथ संविदा अनुबंध का निष्पादन करता है, तो इसे विधिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं माना गया है।

– अब जनपद स्तर पर होगा अनुबंध

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी ग्राम पंचायत में सचिव पदस्थ नहीं है अथवा पद रिक्त है, या ग्राम रोजगार सहायक स्वयं ग्राम पंचायत सचिव के प्रभार में है, तो ऐसी स्थिति में ग्राम रोजगार सहायक का संविदा अनुबंध ग्राम पंचायत सचिव के स्थान पर जनपद पंचायत स्तर पर संबंधित अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, वीबी-जी राम जी के माध्यम से निष्पादित किया जाएगा।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि संबंधित जनपद पंचायत में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी का पद भी रिक्त है, तो ऐसी स्थिति में संविदा अनुबंध की कार्रवाई प्रभारी अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के माध्यम से संपादित की जाएगी।

– अनुबंध प्रक्रिया में अब नहीं होगी असमंजस की स्थिति

परिषद के इस संशोधन से उन ग्राम पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायकों के संविदा अनुबंध एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है, जहां सचिव का पद रिक्त है या रोजगार सहायक को ही सचिव का प्रभार सौंपा गया है। नई व्यवस्था में संबंधित ग्राम रोजगार सहायक को अपने ही स्तर पर अनुबंध करने की स्थिति से बाहर कर दिया गया है और इसके लिए जनपद पंचायत स्तर पर अधिकारी को अधिकृत किया गया है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उपकंडिका 3.2 में किए गए इस संशोधन के अलावा अनुबंध संपादित करने तथा जिला पंचायत को प्रेषित किए जाने से संबंधित मार्गदर्शिका-2025 की उपकंडिका 3.2 एवं 3.4 के अन्य प्रावधान यथावत रहेंगे।

– तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश

मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्त अवि प्रसाद द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित यह आदेश 1 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि संशोधित प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू किया जाता है।

इस आदेश की प्रतिलिपि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, संभागीय आयुक्तों तथा सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों/कार्यक्रम अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं जानकारी के लिए भेजी गई है।

इस संशोधन के बाद अब सचिव विहीन ग्राम पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायकों के अनुबंध और नवीनीकरण को लेकर उत्पन्न प्रशासनिक अड़चन दूर होने के साथ प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विधिसम्मत बनाने का रास्ता साफ हुआ है।

 

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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