—Advertisement—

सिद्ध बाबा के पास मिले क्षत-विक्षत शव की हुई पहचान, बहन ने जताई हत्या की आशंका

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot September 2, 2026

—Advertisement—

-सूरज बली बैगा के रूप में हुई मृतक की शिनाख्त, परिजनों का आरोप—घर से कुछ युवक साथ ले गए थे; वाहन फाइनेंसिंग विवाद से जोड़कर हत्या की आशंका

उमरिया। करकेली स्थित सिद्ध बाबा के पास शनिवार दोपहर मिले क्षत-विक्षत मानव शव की आखिरकार पहचान हो गई है। मृतक की शिनाख्त सेहरा टोला, करकेली निवासी सूरज बली पिता अशोक बैगा, उम्र करीब 28 वर्ष के रूप में हुई है। शव की हालत इतनी खराब थी कि चेहरा तक पहचान में नहीं आ रहा था। शरीर पर कीड़े पड़ चुके थे और शव बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था। ऐसे में पुलिस और परिजनों के लिए मृतक की पहचान करना बड़ी चुनौती बना हुआ था।

शिनाख्त होने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के परिजनों ने कुछ स्थानीय युवकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सूरज बली की हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का दावा है कि हत्या के बाद शव को सुनसान स्थान पर लाकर फेंका गया होगा। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है और हत्या के कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

– बहन का आरोप—पहले भी हो चुके थे जानलेवा हमले

मृतक की बहन प्रीति ने जिला अस्पताल में मीडिया के सामने गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि सूरज बली के साथ पहले भी कई बार जानलेवा हमला हो चुका था। प्रीति के मुताबिक, घटना से पहले कुछ लोग उसके भाई को घर से अपने साथ लेकर गए थे। इसके बाद कई दिनों तक सूरज बली का कोई पता नहीं चला और बाद में सिद्ध बाबा के पास उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।

परिजनों के इन आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मृतक आखिरी बार किन लोगों के साथ देखा गया था और उसके बाद वह सिद्ध बाबा के पास तक कैसे पहुंचा।

– वाहन फाइनेंसिंग और आर्थिक विवाद का भी सामने आया एंगल

मामले में वाहन फाइनेंसिंग से जुड़ा एक और गंभीर पहलू सामने आया है। परिजनों के अनुसार सूरज बली के नाम से बोलेरो और पिकअप वाहन फाइनेंस कराए गए थे। परिवार ने आशंका जताई है कि वाहनों की फाइनेंसिंग और उससे जुड़े आर्थिक विवाद के कारण सूरज बली को निशाना बनाया गया होगा।

मृतक की बहन प्रीति का आरोप है कि उसके भाई के नाम पर वाहनों की फाइनेंसिंग कराई गई थी और रकम चुकाने से बचने के लिए उसकी हत्या किए जाने की आशंका है। हालांकि, यह आरोप फिलहाल जांच का विषय है। पुलिस की जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या हुई है या मौत के पीछे कोई अन्य कारण है तथा वाहन फाइनेंसिंग का इस मामले से कोई संबंध है या नहीं।

– क्षत-विक्षत शव ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती

सिद्ध बाबा के पास शव मिलने के बाद से ही पुलिस के सामने मृतक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने की चुनौती थी। शव कई दिनों पुराना होने की आशंका के चलते उसकी स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी। चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था और शरीर भी काफी क्षत-विक्षत अवस्था में था।

शिनाख्त के बाद अब पुलिस के सामने अगली चुनौती मौत की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के साथ फोरेंसिक जांच भी कराई है। घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

– जांच के बाद साफ होगी मौत की असली वजह

फिलहाल परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मृतक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, आखिरी बार उसके साथ रहे लोगों, वाहन फाइनेंसिंग से जुड़े दस्तावेजों और आर्थिक लेनदेन सहित अन्य बिंदुओं की जांच से मामले की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

यह मामला कई गंभीर सवाल भी खड़े कर रहा है। यदि जांच में परिजनों के आरोप सही साबित होते हैं और हत्या के पीछे वाहन फाइनेंसिंग या आर्थिक लेनदेन सामने आता है, तो यह केवल एक व्यक्ति की हत्या का मामला नहीं रहेगा, बल्कि आदिवासी परिवारों के नाम पर होने वाली वाहन फाइनेंसिंग और उनकी आर्थिक परिस्थितियों के कथित दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल उठेंगे।

हालांकि फिलहाल इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। अब पुलिस जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और सामने आने वाले साक्ष्य ही तय करेंगे कि सूरज बली की मौत के पीछे क्या राज छिपा है और यदि हत्या हुई है तो इसके पीछे कौन लोग और क्या वजह थी।

 

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

Leave a Comment