– 2005 से 2009 तक व्यापमं से नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में शासन की याचिका पर अगले सप्ताह तक निर्णय की उम्मीद
भोपाल। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष भरत पटेल के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मुलाकात कर शिक्षकों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त अध्यापक-शिक्षकों को TET परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त करने, ई-अटेंडेंस, पदोन्नति तथा हड़ताल अवधि के वेतन भुगतान का मुद्दा उठाया।
बैठक में वर्ष 2005 से 2009 के बीच व्यापमं परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्त हुए शिक्षकों को TET परीक्षा से छूट देने के विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि इन शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त किया जाना चाहिए। इस दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश और उससे संबंधित न्यायालयीन प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई।
शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने संघ के पदाधिकारियों को बताया कि 2005 से 2009 के बीच व्यापमं परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त कराने के संबंध में शासन की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की जा चुकी है। मंत्री के अनुसार याचिका स्वीकार हो गई है और अगले सप्ताह तक इस मामले में निराकरण होने की संभावना है। इसके बाद TET परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
– मुख्यमंत्री से होगी संघ की बैठक
शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर शीघ्र ही संघ के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बैठक होगी। संघ ने उम्मीद जताई कि बैठक में शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था, शिक्षकों की पदोन्नति तथा हड़ताल अवधि के वेतन भुगतान से जुड़े मामलों के निराकरण की मांग भी रखी। संघ का कहना है कि इन मुद्दों का समाधान होने से प्रदेश के बड़ी संख्या में शिक्षकों को राहत मिलेगी।
मुलाकात के दौरान डिंडौरी जिला अध्यक्ष देवेंद्र दीक्षित, भोपाल संभाग अध्यक्ष दर्शन ओड, सागर जिला अध्यक्ष राकेश राजपूत, शरद राजपूत सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।










