– मानिकपुर स्कूल में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम आयोजित, शिक्षा, रोजगार, तकनीक और आत्मनिर्भरता पर विद्यार्थियों ने रखे विचार
शहपुरा। विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को लेकर विद्यार्थियों में जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में उनकी सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानिकपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने अपने सपनों के भारत की कल्पना साझा करते हुए देश के भविष्य और विकास को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में मानिकपुर मंडल अध्यक्ष गोलू हिरेंद्र सिंह मरावी, उत्तमचंद असाटी एवं अर्जुन झारिया उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य माधव प्रसाद झारिया, सर्वेश कुमार श्रीवास्तव, जगत झारिया सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
– विद्यार्थियों ने बताई अपने सपनों के भारत की तस्वीर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को लेकर संवाद किया गया। विद्यार्थियों ने शिक्षा, रोजगार, तकनीक, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और बेहतर भारत के निर्माण से जुड़े अपने विचार साझा किए। उन्होंने अपने सपनों के भारत की तस्वीर प्रस्तुत करते हुए बताया कि आने वाले समय में देश को किस दिशा में आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के भारत की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। देश की प्रगति केवल योजनाओं और संसाधनों से नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की सोच, प्रतिभा, नवाचार, मेहनत और जिम्मेदारी से भी तय होगी। विद्यार्थियों में शुरू से ही राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है।
– सपनों को लक्ष्य में बदलने के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम में अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अपने सपनों को लक्ष्य में बदलने तथा शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग देश के विकास में करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि विकसित भारत की कल्पना को साकार करने में युवाओं और बच्चों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को विकसित भारत 2047 की अवधारणा से जोड़ते हुए उन्हें अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिला। साथ ही विद्यार्थियों में देश के भविष्य के प्रति जागरूकता, रचनात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया।
