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कल आप भी सेवानिवृत्त होंगे… पेंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर लगें तो कैसा लगेगा?— कलेक्टर

एडीटर: Chetram Rajpoot September 24, 2026

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– बिना विशेष कारण किसी भी स्थिति में पेंशन नहीं रोकी जाए: कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया

– सेवानिवृत्ति से पहले सेवा पुस्तिका एवं अभिलेख दुरुस्त रखना कर्मचारियों की जिम्मेदारी: कलेक्टर

डिंडौरी न्यूज। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय पेंशनर समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

       कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी विशेष कारण के बिना किसी भी स्थिति में किसी भी पेंशनर की पेंशन नहीं रोकी जाए। कल आप भी सेवानिवृत्त होंगे, पेंशन के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ें तो कैसा लगेगा…? उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन उनके जीवन का महत्वपूर्ण सहारा होती है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ पेंशन प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय सेवा में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी को अपनी सेवा पुस्तिका एवं संबंधित अभिलेख समय-समय पर दुरुस्त रखना चाहिए। सेवानिवृत्ति के पूर्व सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण एवं अद्यतन रखना कर्मचारी की जिम्मेदारी है, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन एवं अन्य स्वत्वों के भुगतान में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

        कलेक्टर ने बताया कि प्रत्येक शनिवार को आगामी छह माह में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के प्रकरणों की समीक्षा की जाती है। साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद जिन पेंशनरों की पेंशन किसी कारण से लंबित अथवा रूकी हुई है, उनके प्रकरणों की भी विस्तृत समीक्षा की जाती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

       `बैठक में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पेंशन हितलाभ कार्यक्रम का मुख्यमंत्री द्वारा किए गए सीधे प्रसारण को भी देखा गया। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 35.42 लाख पेंशनरों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से लगभग 212.87 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई। इसी क्रम में डिंडौरी जिले के 71,845 पेंशनरों के खातों में 43 लाख 10 हजार 700 रुपये की राशि का अंतरण किया गया।

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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