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19.25 लाख सालबोरर कीटों का वन विभाग ने किया विनष्टीकरण, 1.50 लाख पेड़ों पर मंडराया संकट

एडीटर: Chetram Rajpoot September 25, 2026

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– आठ संग्रहण केंद्रों पर प्रोटोकॉल के तहत नष्ट किए गए विनाशकारी कीट, ग्रामीणों को मिला 40 लाख रुपये का पारिश्रमिक

डिंडौरी न्यूज । जिले के जंगलों में साल के पेड़ों के लिए खतरा बने सालबोरर नामक विनाशकारी कीटों के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 19 लाख 25 हजार कीटों का विधिवत विनष्टीकरण किया। अलग-अलग वन परिक्षेत्रों में बनाए गए आठ संग्रहण केंद्रों पर वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत कीटों को नष्ट करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

सालबोरर कीटों के विनष्टीकरण की प्रक्रिया की निगरानी के लिए वन विभाग द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों सहित चार डीएफओ और अन्य वन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। अधिकारियों की मौजूदगी में संग्रहण केंद्रों पर एकत्र किए गए कीटों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नष्ट किया गया।

– पेड़ों के तने में छेद कर अंदर से खोखला करता है कीट

सालबोरर कीट साल के पेड़ों के लिए बेहद नुकसानदायक माना जाता है। यह पेड़ के तने में छेद कर अंदर प्रवेश करता है और उसे भीतर से खोखला करने लगता है। इसके प्रभाव से पेड़ धीरे-धीरे कमजोर होकर सूखने लगता है। जिले में इस कीट के प्रकोप के चलते तीन वन परिक्षेत्रों में करीब डेढ़ लाख पेड़ों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। प्रभावित पेड़ों को काटने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

– ग्रामीणों ने निभाई अहम भूमिका, दो रुपये प्रति कीट मिला पारिश्रमिक

सालबोरर के खिलाफ चलाए गए अभियान में ग्रामीणों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को कीट संग्रहण के लिए प्रति कीट दो रुपये के हिसाब से पारिश्रमिक दिया गया। विभाग के अनुसार इस अभियान के तहत ग्रामीणों को कुल करीब 40 लाख रुपये का पारिश्रमिक वितरित किया गया।

ग्रामीणों ने जंगल और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सालबोरर कीटों को पकड़कर निर्धारित संग्रहण केंद्रों में जमा कराया। ग्रामीणों द्वारा बड़ी संख्या में कीट एकत्र किए जाने के कारण कई संग्रहण केंद्रों पर भारी मात्रा में कीट जमा हुए।

– कीटों के सिर की बनाई गई थी माला

सालबोरर कीटों के संग्रहण के दौरान ग्रामीणों द्वारा बड़ी संख्या में कीट पकड़ने का अनोखा तरीका भी सामने आया। एकत्र किए गए कीटों के सिर की माला तक बनाई गई थी, जिसे बाद में वन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया। चौरा दादर स्थित कीट संग्रहण केंद्र में भी बड़ी संख्या में एकत्र सालबोरर कीटों का विधिवत विनष्टीकरण किया गया।

वन विभाग द्वारा कीटों के विनष्टीकरण के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में पेड़ों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। करीब डेढ़ लाख प्रभावित पेड़ों को काटने की प्रक्रिया भी शुरू की जानी है। विभाग के सामने अब प्रभावित वन क्षेत्रों में साल के पेड़ों को बचाने और कीट के प्रकोप को नियंत्रित करने की चुनौती है। चौरा दादर कीट संग्रहण केंद्र पर सालबोरर कीटों के विनष्टीकरण की प्रक्रिया का जायजा लिया गया।

 

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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