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पंचायत निधि का भंडारा मॉडल ! विकास राशि से चाय-नाश्ता, मिठाई और धार्मिक कार्यक्रमों का भुगतान

akvlive.in

Published

– भंडारा, चाय-नाश्ता और किराना के नाम पर लाखों खर्च, मजदूरी भुगतान भी सप्लायर के खाते में!

डिंडौरी। जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत नारायणडीह में पंचायत निधियों के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि पंचायत के जिम्मेदारों ने शासन के दिशा-निर्देशों और वित्तीय नियमों को दरकिनार करते हुए ग्राम विकास के लिए आवंटित लाखों रुपये की राशि गैर-अनुमत्य मदों में खर्च कर दी। मामले में सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं तथा वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग तेज हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत नारायणडीह में 15वें वित्त आयोग एवं 5वें राज्य वित्त आयोग के तहत प्राप्त राशि का उपयोग गांव के बुनियादी विकास कार्यों के बजाय भंडारा, टेंट, मानदेय, ऑफिस व्यय, चाय-नाश्ता, किराना सामग्री, मिठाई और अन्य गैर-अनुमत्य मदों में किया गया। आरोप है कि पंचायत के सरपंच मनोज सिंह मरावी एवं सचिव ग्यारसी परस्ती द्वारा विगत कुछ वर्षों में लाखों रुपये का भुगतान ऐसे कार्यों और मदों में किया गया, जिनकी अनुमति संबंधित वित्तीय योजनाओं के दिशा-निर्देशों में नहीं है।

– विकास कार्यों की जगह गैर-अनुमत्य खर्च

सूत्रों के अनुसार पंचायत को प्राप्त वित्त आयोग की राशि का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास करना है। लेकिन पंचायत के अभिलेखों में धार्मिक कार्यक्रमों के भंडारे, टेंट व्यवस्था, किराना सामग्री, चाय-नाश्ता और अन्य खर्चों के नाम पर भुगतान दर्ज होने से पूरे मामले पर संदेह गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पंचायत निधि का उपयोग निर्धारित विकास कार्यों के बजाय अन्य मदों में किया गया है तो यह शासन की मंशा और वित्तीय नियमों के विपरीत है। ऐसे में यह जांच का विषय बनता है कि संबंधित भुगतान किस आधार पर स्वीकृत किए गए और उनका वास्तविक उपयोग क्या रहा।

– मजदूरी भुगतान भी सप्लायर को, निर्माण कार्यों पर उठे सवाल..?

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह बताया जा रहा है कि वर्ष 2022-23 से लगातार पंचायत द्वारा विभिन्न कार्यों के भुगतान एक ही सप्लायर एमएस एच एस कंस्ट्रक्शन के नाम किए जाते रहे हैं। आरोप है कि चाय-नाश्ता, किराना सामग्री, लोहा, सीमेंट, मिट्टी-मुरूम, घाट कटिंग, बोरी बांध जैसे कार्यों के साथ-साथ निर्माण कार्यों में लगने वाली मजदूरी का भुगतान भी सीधे सप्लायर को कर दिया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मजदूरी मद की राशि भी सामग्री आपूर्तिकर्ता के खाते में भेजी गई है, तो यह वित्तीय प्रक्रिया और कार्य निष्पादन की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। इससे यह संदेह भी उत्पन्न होता है कि संबंधित निर्माण कार्य वास्तव में हुए या केवल कागजों में दर्शाकर राशि का आहरण किया गया।

जीपीडीपी, तकनीकी स्वीकृति और सत्यापन पर भी सवाल

जानकारों के अनुसार पंचायत स्तर पर किए जाने वाले विकास कार्यों को ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), तकनीकी स्वीकृति (TS), प्रशासनिक स्वीकृति (AS), मूल्यांकन और सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना होता है। लेकिन आरोप है कि नारायणडीह पंचायत में इन प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से भुगतान किए गए।

यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल वित्तीय अनियमितता बल्कि शासन की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद गांव में अपेक्षित विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे संदेह और गहरा गया है। ग्राम पंचायत नारायणडीह में वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर उठे सवालों ने पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..