डिंडौरी। जिला प्रशासन में कार्य संस्कृति एवं अनुशासन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सोमवार को संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों एवं शाखाओं में पहुंचकर अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली तथा कार्यालयीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कलेक्टर ने वित्त शाखा, शिकायत शाखा, लोक सेवा प्रबंधन, भू-अभिलेख, जनजातीय कार्य विभाग, पिछड़ा वर्ग शाखा, महिला सशक्तिकरण विभाग, खाद्य शाखा, महिला एवं बाल विकास विभाग, आबकारी विभाग, सहकारिता विभाग, सांख्यिकी एवं योजना कार्यालय, तहसील कार्यालय, जनसंपर्क कार्यालय, ई-गवर्नेंस विभाग तथा श्रम विभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शाखाओं में लंबित प्रकरणों, अभिलेखों के संधारण एवं कर्मचारियों की उपस्थिति की भी समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान 25 कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति एवं उचित कारण के अनुपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो उनके विरुद्ध नियमानुसार एक दिवस का वेतन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने कहा कि शासकीय कार्यालयों में समय पर उपस्थित रहना तथा निर्धारित दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करना प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का कर्तव्य है। कार्यालयीन कार्यों में लापरवाही एवं अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने खाद्य विभाग कार्यालय का भी अवलोकन किया। भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने कर्मचारियों की सुविधा के लिए बैठक कक्ष में कूलर स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यालयीन वातावरण को बेहतर बनाने एवं कर्मचारियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने, जनहित से जुड़े कार्यों का त्वरित निराकरण करने तथा शासन की योजनाओं एवं सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्ट्रेट में हुए इस औचक निरीक्षण से कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही तथा कार्यालयों में अनुशासन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासन का सख्त रुख स्पष्ट रूप से देखने को मिला।










