होम राज्य मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़़ क्राइम न्यूज इंटरनेशनल न्यूज कोर्ट न्यूज राजनीति संसदीय संपादकीय अर्थ जगत हेल्थ शिक्षा खेल विज्ञान

Dindori News: आजादी के 75 साल बाद भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहा तलवान टोला, नाले का पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

akvlive.in

Published

– SDM ने गंभीरता से लिया मामला, पीएचई और जनपद अधिकारियों को मौके पर भेजा, टैंकर से जलापूर्ति के दिए निर्देश

शहपुरा। देश को आजाद हुए 75 वर्ष से अधिक समय बीत चुके हैं, लेकिन विकास के दावों के बीच शहपुरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पायली घोधरी का पोषक ग्राम तलवान टोला आज भी पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। करीब 25 से 30 परिवारों और लगभग 150 की आबादी वाले इस टोले के लोग आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि ग्रामीणों को गर्मी के दिनों में तीन किलोमीटर दूर जाकर नाले में झिरिया खोदकर पानी लाना पड़ता है, जबकि बरसात के मौसम में बाढ़ और गंदे पानी का उपयोग पीने तथा दैनिक जरूरतों के लिए करना उनकी मजबूरी बन जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से पेयजल समस्या बनी हुई है, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की भारी बर्बादी होती है। कई बार दूषित पानी के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आती हैं।

– जनपद और पंचायत स्तर पर नहीं हुई सुनवाई

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार जनपद पंचायत शहपुरा के अधिकारियों को लिखित आवेदन और ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया, लेकिन किसी भी स्तर पर ठोस पहल नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के सचिव ने भी समस्या के समाधान के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किया, जिसके कारण वर्षों से हालात जस के तस बने हुए हैं।

– जनसुनवाई में पहुंची ग्रामीणों की आवाज

लगातार उपेक्षा से परेशान ग्रामीण आखिरकार अपनी समस्या लेकर एसडीएम कार्यालय शहपुरा पहुंचे।

 जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल संकट की पूरी स्थिति प्रशासन के सामने रखी और तत्काल राहत की मांग की।

ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल जनपद पंचायत शहपुरा के सीईओ तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के एसडीओ गगन कुम्हरे को कार्यालय में बुलाया और ग्रामीणों के साथ मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

टैंकर से पानी पहुंचाने के निर्देश

एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तलवान टोला की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान तलाशते हुए तत्काल राहत के तौर पर पूरे ग्रीष्मकाल के दौरान टैंकर के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही समस्या का तकनीकी परीक्षण कर शीघ्र स्थायी व्यवस्था बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया।

– विकास के दावों पर उठे सवाल

एक ओर सरकार हर घर जल और ग्रामीण विकास की योजनाओं का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर तलवान टोला जैसे गांव आज भी पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है।

ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा और तलवान टोला के लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सकेगी।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..