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एमपी पुलिस में बड़ा फेरबदल: नक्सल प्रभावित बालाघाट-मंडला से लौटे 59 उप निरीक्षकों के तबादले… यहां देखें लिस्ट

akvlive.in

Published

– बालाघाट और मंडला में नई तैनाती भी की गई

– दो वर्ष की अवधि पूर्ण करने वाले अधिकारियों का स्थानांतरण आदेश जारी,

भोपाल। पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा प्रदेश में उप निरीक्षकों (SI) के बड़े स्तर पर तबादले आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार नक्सल प्रभावित क्षेत्र बालाघाट एवं मंडला में दो वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले 59 उप निरीक्षकों को विभिन्न जिलों में नई पदस्थापना दी गई है। वहीं कई जिलों से अधिकारियों को पुनः बालाघाट और मंडला जिले में आगामी दो वर्षों के लिए पदस्थ किया गया है।

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस स्थापना बोर्ड की अनुशंसा के बाद यह तबादले तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। आदेश के तहत बालाघाट और मंडला से लौटने वाले अधिकारियों को शिवपुरी, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, सागर, सतना, दतिया, पन्ना, नर्मदापुरम, खरगोन, झाबुआ, अशोकनगर, विदिशा, रीवा सहित विभिन्न जिलों में पदस्थ किया गया है।

– प्रमुख तबादलों में शामिल अधिकारी

आदेश में उप निरीक्षक पुनीत बाजपेयी को मंडला से शिवपुरी, अभिलाष कुमार मिश्रा को बालाघाट से शहडोल, आशीष पाल को देवास, हिमांशु चौहान को नीमच, दीपक शर्मा को एएसवी भोपाल, पवन यादव को इंदौर ग्रामीण, दीपक सिंह परमार को इंदौर शहर, सुनील चतुर्वेदी को भोपाल शहर तथा मोहित दुबे को पीटीएस पचमढ़ी भेजा गया है।

इसी प्रकार कई अधिकारियों को बालाघाट और मंडला में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें जोराबर सिंह भदौरिया, शिशिर कुमार पाण्डे, शत्रुध्न मिश्रा, महेंद्र भगत, अतुल दीक्षित, अंशुल गुप्ता, रामशरण शर्मा सहित अनेक अधिकारियों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आगामी दो वर्षों के लिए पदस्थ किया गया है।

– तत्काल प्रभाव से लागू होंगे आदेश

पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित पुलिस अधीक्षकों और इकाई प्रमुखों को निर्देशित किया है कि आदेश का पालन सुनिश्चित करते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त एवं कार्यभार ग्रहण कराया जाए। साथ ही जिलों के भीतर कार्य आवंटन संबंधित पुलिस अधीक्षक द्वारा किया जाएगा।

आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि कोई अधिकारी निलंबित है तो उसे कार्यमुक्त किए बिना पुलिस मुख्यालय को सूचित किया जाए।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..