– पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की शिकायत पर कई विभागों की टीम पहुंची जांच करने
डिंडौरी न्यूज । जिले में कथित रूप से अवैध रूप से संचालित किए जा रहे स्टोन क्रेशर के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गंभीर रुख अपनाया है। अधिवक्ता सम्यक जैन द्वारा दायर याचिका पर कार्रवाई करते हुए एनजीटी द्वारा गठित संयुक्त जांच समिति ने संबंधित स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक स्वीकृतियों और स्थानीय लोगों पर पड़ रहे प्रभावों की गहन जांच की गई।
संयुक्त समिति में एसडीएम डिंडोरी, जिला खनिज अधिकारी, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), खनन एवं भूविज्ञान विभाग के अधिकारी शामिल रहे। याचिकाकर्ता अधिवक्ता सम्यक जैन भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।

समिति ने स्टोन क्रेशर स्थल पर पहुंचकर संचालन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इसमें पर्यावरणीय स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन, प्रदूषण नियंत्रण उपाय, जल छिड़काव व्यवस्था, ग्रीन बेल्ट विकास और मशीनों के संचालन से उत्पन्न धूल एवं ध्वनि प्रदूषण का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने आसपास के खेतों और ग्रामीण आबादी पर पड़ रहे प्रभावों का भी जायजा लिया।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि स्टोन क्रेशर बिना आवश्यक वैधानिक अनुमति के संचालित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में लगातार धूल और ध्वनि प्रदूषण फैल रहा है। ग्रामीणों और किसानों ने शिकायत की है कि इससे उनकी खेती प्रभावित हो रही है तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
संयुक्त समिति निरीक्षण के दौरान एकत्र तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी को सौंपेगी। रिपोर्ट के परीक्षण के बाद न्यायाधिकरण द्वारा आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









