भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत प्रदेश की 313 जनपद पंचायतों की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों के लंबित भुगतान हेतु बड़ी राशि जारी की गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधीन जारी आदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लंबित सामग्री भुगतान के आधार पर कुल 526 करोड़ 107 लाख रुपये की भुगतान अनुमति प्रदान की गई है।
राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि यह राशि SNA-SPARSH प्रणाली के अंतर्गत सामग्री मद में लंबित भुगतान के लिए स्वीकृत की गई है। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में एक वर्ष से अधिक समय से लंबित देयकों का सर्वप्रथम भुगतान किया जाए।
इसके साथ ही “जल गंगा संवर्धन अभियान” से जुड़े लंबित भुगतान को प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। परिषद ने भुगतान प्रक्रिया FIFO अर्थात “पहले आए, पहले भुगतान” के आधार पर सुनिश्चित करने को कहा है।
जारी निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जिला स्तर पर मजदूरी एवं सामग्री अनुपात 60:40 बनाए रखना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा जारी पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश के सभी जिला पंचायतों, जनपद पंचायतों एवं संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। साथ ही सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि संलग्न सूची के अनुसार संबंधित कोड में आवंटन दर्ज कर भुगतान प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई जाए।
बताया गया है कि इस राशि से ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कराए गए निर्माण कार्यों, जल संरक्षण, सड़क, तालाब, नाली, कुआं एवं अन्य विकास कार्यों से जुड़े ठेकेदारों और सामग्री प्रदाताओं के लंबित भुगतान में राहत मिलेगी। इससे ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।










