राज्य सरकार ने की सख्त कार्रवाई
देवास जिले के टोंकखुर्द तहसील अंतर्गत ग्राम टोककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट मामले में मध्यप्रदेश शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। घटना में कई लोगों की मौत और अनेक लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद शासन ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाते हुए नायब तहसीलदार और एसडीओपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उज्जैन संभाग आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार टप्पा चिड़ावद तहसील टोंकखुर्द जिला देवास में पदस्थ नायब तहसीलदार श्री रवि शर्मा पर विस्फोटक सामग्री से संबंधित प्रशासनिक निरीक्षण में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। आदेश में कहा गया है कि शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निरीक्षण और निगरानी नहीं किए जाने के कारण यह गंभीर घटना घटित हुई। इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए श्री शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय देवास निर्धारित किया गया है।
वहीं गृह विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा जारी अलग आदेश में सोनकच्छ एसडीओपी सुश्री दीपा मांडवे को भी निलंबित कर दिया गया है। शासन के अनुसार समय-समय पर जारी निर्देशों के बावजूद फैक्ट्री संचालन संबंधी निरीक्षण नहीं किया गया तथा वरिष्ठ कार्यालय को आवश्यक प्रतिवेदन भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता माना गया है।
गृह विभाग के आदेश में कहा गया है कि पुलिस महानिदेशक की अनुशंसा के आधार पर कार्रवाई करते हुए सुश्री दीपा मांडवे को मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस मुख्यालय भोपाल रहेगा।
पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद शासन की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं और विस्फोटक सामग्री के भंडारण एवं संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। शासन ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे भी जांच के आधार पर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।







