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मानदेय नहीं तो काम नहीं: आर्थिक तंगी से जूझ रहे मनरेगा संविदा कर्मी 5 दिन के सामूहिक अवकाश पर

akvlive.in

Published

– 04 से 08 मई तक असहयोग आंदोलन, प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप

डिंडौरी। जिले में मनरेगा योजना से जुड़े संविदा कर्मचारियों ने लंबित मानदेय के विरोध में सामूहिक अवकाश पर जाने का बड़ा निर्णय लिया है। कर्मचारियों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत डिंडौरी को ज्ञापन सौंपकर 04 मई से 08 मई 2026 तक पांच दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहने की सूचना दी है।

ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले पांच महीनों से मानदेय के भुगतान से वंचित हैं, जबकि वे लगातार शासन द्वारा सौंपे गए कार्यों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि बच्चों की स्कूल फीस, बैंक लोन की किस्त, मकान किराया और बिजली बिल तक का भुगतान करना मुश्किल हो गया है।

कई कर्मचारियों को मकान मालिकों के दबाव का सामना करना पड़ रहा है, वहीं फील्ड में कार्य करने के लिए आवागमन तक प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने पूर्व में 13 अप्रैल 2026 को भी प्रशासन को ज्ञापन देकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि इसी योजना के अंतर्गत कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों के लिए अन्य मद से मानदेय की व्यवस्था कर दी गई है, जबकि संविदा कर्मचारियों को अब भी नजरअंदाज किया जा रहा है।

ज्ञापन में कर्मचारियों ने पूर्व में जारी पारिश्रमिक कटौती से संबंधित आदेशों को निरस्त करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि लगातार अनुरोध के बावजूद समाधान नहीं होने के कारण वे असहयोग आंदोलन के तहत सामूहिक अवकाश पर जाने को मजबूर हुए हैं।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो वे अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असमर्थ होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..