डिंडौरी न्यूज। जिले में आम नागरिकों की शिकायतों के निराकरण को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त मोड में आ गया है। सीएम हेल्पलाइन 181 पर दर्ज शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि अब केवल शिकायत बंद करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करना भी अनिवार्य होगा।
कलेक्टर कार्यालय के लोकसेवा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी निर्देशों में फरवरी 2026 में दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई विभाग शिकायतों का औपचारिक निराकरण तो कर रहे हैं, लेकिन शिकायतकर्ताओं से संतुष्टि दर्ज नहीं करवा रहे हैं। इसका सीधा असर जिले की ओवरऑल रैंकिंग पर पड़ रहा है, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में निराकरण करें और हर हाल में शिकायतकर्ता से फीडबैक लेकर संतुष्टि दर्ज कराएं। आदेश में साफ कहा गया है कि 20 मार्च 2026 तक सभी विभाग अपनी संतुष्टि दर 85 प्रतिशत से अधिक सुनिश्चित करें। लक्ष्य पूरा न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की लगातार मॉनिटरिंग के बावजूद कई विभागों द्वारा निर्देशों की अनदेखी सामने आने पर कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। इसी के चलते जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
– इन अधिकारियों को जारी हुआ नोटिस
सीएमओ नगर परिषद डिंडौरी एवं शहपुरा, सहायक संचालक उद्यान विभाग, उपसंचालक कृषि विभाग, सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग, जिला श्रम पदाधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, सहायक संचालक मत्स्योद्योग, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, कार्यपालन यंत्री लोकनिर्माण विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), एलडीएम वित्त विभाग को नोटिस जारी किया गया है।







