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सैकड़ों संत, हजारों श्रद्धालु जुटे: ढोंढ़ा में हुआ ऐतिहासिक रुद्र महायज्ञ व शिव महापुराण का भव्य समापन

akvlive.in

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डिंडौरी/शहपुरा। जिले के ग्राम ढोंढ़ा स्थित शंकरघाट आश्रम में महंत श्री श्री 108 श्री भगतगिरि (बच्चू बाबा) जी की जन्मभूमि पर 23 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित रुद्र महायज्ञ एवं शिव महापुराण का भव्य और आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस सात दिवसीय धार्मिक महायज्ञ में सैकड़ों संतों एवं हजारों श्रद्धालुओं का समागम हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा।

कार्यक्रम महंत श्री श्री 108 श्री भगतगिरि (बच्चू बाबा) जी के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। अपने मधुर और ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से उन्होंने विश्व कल्याण, सनातन धर्म की महिमा और मानव जीवन में धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत किया।

शिव महापुराण की भावपूर्ण कथा से भावविभोर हुए श्रद्धालु

प्रख्यात कथावाचिका नीता भारती द्वारा शिव महापुराण की अत्यंत मार्मिक एवं रोचक कथा का वाचन किया गया। अंतिम दिवस की कथा में भगवान शिव और माता सती के पारस्परिक प्रेम, आदर और त्याग का हृदयस्पर्शी वर्णन किया गया। दक्ष यज्ञ में माता सती द्वारा शिव के अपमान को सहन न कर देह त्यागने की घटना, सती वियोग में भगवान शिव का रौद्र तांडव, संपूर्ण सृष्टि में उत्पन्न कंपन तथा वीरभद्र के आविर्भाव का विस्तृत वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

कथा में यह भी बताया गया कि किस प्रकार भगवान शिव ने अपने गणों को कैलाश में रहने का आदेश दिया और स्वयं माता पार्वती के साथ हिमालय में एकांतवास करते हुए उन्हें आत्मज्ञान का उपदेश दिया। माता पार्वती द्वारा पूर्ण आत्मसमर्पण का प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रेरणादायी रहा।

– विधिवत सम्पन्न हुआ रुद्र महायज्ञ

रुद्र महायज्ञ का संचालन यज्ञाचार्य पं. श्री रामभूषण जी महाराज द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराया गया। समापन अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना एवं अंतिम हवन संपन्न हुआ। पूरे यज्ञ मंडप में वैदिक ध्वनियों और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

– समापन पर महाभंडारा, कन्या भोज एवं संत सम्मान

कार्यक्रम के अंतिम दिवस कन्या भोज का आयोजन किया गया। इसके पश्चात सैकड़ों संतों का विधिवत स्वागत कर उन्हें भोजन प्रसाद कराया गया। बाद में हजारों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर भव्य महाभंडारे का आयोजन किया गया। दूर-दराज के गांवों एवं अन्य जिलों से आए श्रद्धालुओं ने इस आध्यात्मिक आयोजन में सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

इस भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में शंकरघाट ग्राम सेवक समिति ढोंढ़ा का विशेष योगदान रहा। ग्रामवासियों एवं क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के सहयोग से कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित एवं दिव्य वातावरण में सम्पन्न हुआ।संपूर्ण सप्ताह तक चले इस महायज्ञ एवं शिव महापुराण ने क्षेत्र में धर्म, भक्ति और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए ग्राम ढोंढ़ा को आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना ।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..